केनोपनिषद्

Khaṇḍa 3श्लोक 7/1258%

Kena Upanishad 3.7

मूल पाठSource scriptureOriginal Sanskritमूल संस्कृत

अथ वायुमब्रुवन्वायवेतद्विजानीहि किमेतद्यक्षमिति तथेति

अर्थMeaning
अनुवादTranslationLiteral Hindi Translationमूल हिन्दी अनुवाद (अक्षरशः)मूलानुवाद · Literal

फिर उन्होंने वायु से कहा — "वायु, पता लगा कि यह यक्ष क्या है।" "अच्छा," वायु ने उत्तर दिया।

अक्षरशः अनुवाद — मूल संस्कृत श्लोक के प्रत्येक पद का प्रत्यक्ष अर्थ।

अनुवादTranslationLiteral English TranslationLiteral Text

Then they said to Vāyu (wind): "Vāyu, find out what this yakṣa is." "So be it," he replied.

Direct literal rendering preserving Sanskrit philosophical terminology.

व्याख्याVyakhya
संपादकीय व्याख्याEditorial explanationVyakhya (व्याख्या)व्याख्या

फिर उन्होंने वायु से कहा — "वायु, पता लगा कि यह यक्ष क्या है।" "अच्छा," वायु ने उत्तर दिया। जब एक दृष्टिकोण विफल होता है, तो मनुष्य प्रायः उसी दृष्टिकोण का दूसरा संस्करण आजमाता है।

विज्ञान एवं आधुनिक उपयोगScience & Modern Application
आधुनिक चिंतनModern reflection · not scriptureContemplative Reflection & Actionआधुनिक चिंतन
आधुनिक संदर्भ · Modern Context
जब जीवन में कोई आक्रामक योजना विफल हो जाती है, तो मनुष्य अपनी रणनीति बदलने के बजाय अक्सर उसी आक्रामकता का कोई दूसरा रूप आजमाने लगता है। यदि तर्कों की अग्नि से बात नहीं बनी, तो हम दबाव और गति की आंधी (वायु) का उपयोग करने लगते हैं। हम सोचते हैं कि यदि पहली बार बल प्रयोग से काम नहीं हुआ, तो दूसरी बार और अधिक बल प्रयोग से काम बन जाएगा। अग्नि की पराजय के बाद देवताओं ने यही भूल दोहराई। उन्होंने वायु से कहा: "वायवेतद्विजानीहि" — हे वायु, तुम पता लगाओ कि यह यक्ष कौन है! वायु ने भी बिना सोचे-समझे वही पुराना आत्मविश्वासपूर्ण "तथेति" (अच्छा) कह दिया। यह उस मानसिकता का परिचायक है जो दूसरों की पराजय से कोई सबक नहीं सीखती और सोचती है कि "वह भले ही हार गया हो, परंतु मैं अवश्य जीतूंगा।"
आज के जीवन में प्रयोग · Practical Application
- **दृष्टिकोण का बुनियादी बदलाव (Changing Approach, Not Just Force)**: जब कोई कार्य बार-बार बल प्रयोग से विफल हो रहा हो, तो अधिक आक्रामकता दिखाने के बजाय अपनी बुनियादी दृष्टि और नीति को बदलें। - **दूसरों की गलतियों से सीख (Learning from Others' Failures)**: जब आपके साथी किसी रास्ते पर विफल हो चुके हों, तो उसी रास्ते पर अंधाधुंध चलने के बजाय पहले उनकी विफलता के मूल कारणों को समझें। - **साहस और विवेक का संतुलन (Balancing Courage with Wisdom)**: किसी भी कठिन चुनौती में केवल अपनी गति और शक्ति पर भरोसा न करें; विवेक और विनम्रता को अपना सच्चा मार्गदर्शक बनाएँ।
चिंतन प्रश्न · Self-Reflection

“क्या आप अपने जीवन की पुरानी समस्याओं को सुलझाने के लिए बार-बार वही पुराने आक्रामक तरीके आजमा रहे हैं?”

शोध संदर्भResearch context · not scriptureComparative Research Noteशोध टिप्पणी

पुनरावृत्ति पूर्वाग्रह (Repetition Bias): संगठनों और व्यक्तियों में यह सामान्य प्रवृत्ति होती है कि वे विफलता के बाद अपनी मूल रणनीति का पुनर्मूल्यांकन करने के बजाय केवल साधन या प्रतिनिधि बदलकर वही गलती दोहराते हैं।

A modern parallel offered for reflection. It is not part of the scripture, and it has not been checked against the original sources it may allude to.

स्रोतSources and editionSources and editionस्रोत एवं संस्करण

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Sanskrit edition
Samaveda Talavakara Brahmana Section. SanskritDocuments / Muktabodha
Translation
Swami Gambhirananda & Gita Press
Last updated
2026-10-23
Licence note (as recorded)
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पाठ-भेद · Variant readings
Manuscript traditions uniformly preserve the 35-verse partition with zero disputed interpolations.

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आगे क्या · What next