Atharva Veda
5
अध्याय 5 / 20

Kanda 5

काण्ड 5

376 श्लोकभाग 4/6 · श्लोक 19.1–23.13

पूर्ण अध्याय पाठ66 श्लोक

अध्याय 5

श्लोक 19.1

ब्रह्मगवि १-१५ मयोभूः।ब्रह्मगवि।अनुष्टुप्, २ विराट्-पुरस्ताद्बृबती, ७ उपरिष्टाद्बृहती।अ॒ति॒मा॒त्रम॑वर्धन्त॒ नोदि॑व॒ दिव॑मस्पृशन्।भृगुं॑ हिंसि॒त्वा सृञ्ज॑या वैतह॒व्याः परा॑भवन्

brahmagavi 1-15 mayobhūḥ| brahmagavi| anuṣṭup, 2 virāṭ-purastādbṛbatī, 7 upariṣṭādbṛhatī| atimātramavardhanta nodiva divamaspṛśan| bhṛguṃ hiṃsitvā sṛñjayā vaitahavyāḥ parābhavan

हिन्दी अर्थ

देखो अथर्व० (५।१८।१२), इसमे १०१ संख्या का कथन हुआ है नव नवत्यः = (नव नरई-नई, परमेश्वर की सत्ता से, न+ वत्यः' इन्कार करनेवालीं, नास्तिक जनतां । इन्हे भूमि ने कपा दिया । नवत्यः (क्यम् ) कुत्सित आवाज करनेवाली, (पदयोपनीम्) परो को संजञा- शन्थ कर देनेवाली (याम्) जिस वेडी को (मृताय) मृत्युदण्ड के लिए (अनु) हानि पहुंचानेवाले है राजन् ! (देवाः) राष्ट के दिव्य न्यायाधीशौने (व)

English

Brāhman’s dame. No broad-browed calf with wide-set ears is ever in his homestead born.

अध्याय 5

श्लोक 19.2

ये बृ॒हत्सा॑मानमाङ्गिर॒समार्प॑यन् ब्राह्म॒णं जनाः॑ ।पेत्व॒स्तेषा॑मुभ॒याद॒मवि॑स्तो॒कान्या॑वयत्

ye bṛhatsāmānamāṅgirasamārpayan brāhmaṇaṃ janāḥ | petvasteṣāmubhayādamavistokānyāvayat

हिन्दी अर्थ

(य॒थे) गौओों के समूह मे (सहसा वल द्रारा (विदानः) जाने गये (वषा इव) बैल के सदश जाना गया तु है दन्दुभि 1 , 3 (गव्यन्) शत्रुओं की पथिवौ को चाहता हुभा तथा (संधनाजित्) उनके धनौं कौ जीतता हुमा (रुव) शब्द कर । (परेषाम्) णत्रओं के (हृदयम्) हृदय को (शुचा) शौक ग्रामो को छोडकर (मन्तु) चले जाएँ । गव्यन् = गौः पृथिवी नाम (निघं० १।१) । संधना = सं धनानि, उनका परस्पर मिला-धन, समग्र धन । (उरध्यमायुः) ऊंची आवाजवाला तू (पृतनाः ) सेनाभों को (संजयन्) गरं चाहनेवाली गौके मूत्र से विदोष प्रकारकी गन्ध आतीरै, इसे सुंघकर बल

English

In whose dominion is detained, through senseless love, a Brāhman’s dame.

अध्याय 5

श्लोक 19.3

ये ब्रा॑ह्म॒णं प्र॒त्यष्ठी॑व॒न् ये वा॑स्मिञ्छु॒ल्कमी॑षि॒रे।अ॒स्नस्ते मध्ये॑ कु॒ल्यायाः॒ केशा॒न् खाद॑न्त आसते

ye brāhmaṇaṃ pratyaṣṭhīvan ye vāsmiñchulkamīṣire| asnaste madhye kulyāyāḥ keśān khādanta āsate

हिन्दी अर्थ

२६२ अथर्व॑वेदभाष्य काण्ड ५। अनु० ४1 सूक्त २० जीतता हअ, (गृह्या ) पकड़ने योग्य सेनाओं को (गृह्भमनः) पकडता हुमा, हे दुन्दुभि ! (देवीम्) विजिगीषृओं को (वाचम्) वाणीको (आ गुरस्व) के (वेदः) धन को (उप) अपने समीप (भरस्व हरस्व) ते-मा।

English

His milch-cow doth not profit one, his draught-ox masters not the yoke,

अध्याय 5

श्लोक 19.4

ब्र॒ह्म॒ग॒वी प॒च्यमा॑ना॒ याव॒त् साभि वि॒जङ्ग॑हे ।तेजो॑ रा॒ष्ट्रस्य॒ निर्ह॑न्ति॒ न वी॒रो जा॑यते॒ वृषा॑

brahmagavī pacyamānā yāvat sābhi vijaṅgahe | tejo rāṣṭrasya nirhanti na vīro jāyate vṛṣā

हिन्दी अर्थ

विजिगीषा आदि (दिवादिः), युद्धम दुन्दुभि" विजिगीषाकी ध्वनिवाला होना चाहिए जिसमे योद्धाओं मे जोश कासंचारटहो। गुरस्व गुरी उद्यमने (तुदादिः) वेदः धनम् (निघं० २।१०) । मायुःन्=माङ् माने शब्दे च (जुहो- (वदन्तीं वाचम् ) गर्जती हुई वाणी को (आशुण्वती) लगातार सुनती हुई, (नाथिता) सहायता चाहनैवाली, (घौपबृद्धा) दृन्दुभिके या युद्ध के घोष केकारण जागी हूर, (वधानां समरे भीता) आयुधो के युद्ध में भयभीत हुई, (दुन्दुभे) है दुन्दुभि ! (पूरवः) पहले तू (वाचम्) सौम्य वाणी को

English

Wherever, severed from his wife, a Brāhman spends the mourn- ful night. The wickedness of oppressing and robbing Brāhmans

अध्याय 5

श्लोक 19.5

क्रू॒रम॑स्या आ॒शस॑नं तृ॒ष्टं पि॑शि॒तम॑स्यते ।क्षी॒रं यद॑स्याः पी॒यते॒ तद् वै पि॒तृषु॒ किल्बि॑षम्

krūramasyā āśasanaṃ tṛṣṭaṃ piśitamasyate | kṣīraṃ yadasyāḥ pīyate tad vai pitṛṣu kilbiṣam

हिन्दी अर्थ

सत्य मौर प्रिय (वद) वाणी बोल । पूवं दुन्दुभि की आवाज; यह् शत्रु को चेताने कै लिएुहै। (२) युद्धभूमिमें की गई आवाज; युद्धकेप्रारम्भटहौ जाने पर निज सेनिकौंको जोश दिलने वाली आवाज । (३) विजय पाकर प्रसन्नता की आवाज जोकि प्रिय लगे, ओर विजय कौ सचाई को सूचित क्ररे। द्युमत् दिव क्रीडा, विजिगीषा,

English

The Gods, O Prince, have not bestowed this cow on thee to eat thereof. Seek not, Rājanya, to devour the Brāhman’s cow which none may eat.

अध्याय 5

श्लोक 19.6

उ॒ग्रो राजा॒ मन्य॑मानो ब्राह्म॒णं यो जिघ॑त्सति ।परा॑ तत् सि॑च्यते रा॒ष्ट्रं ब्रा॑ह्म॒णो यत्र॑ जी॒यते॑

ugro rājā manyamāno brāhmaṇaṃ yo jighatsati | parā tat sicyate rāṣṭraṃ brāhmaṇo yatra jīyate

हिन्दी अर्थ

(दमे नभसी) इन दोनों यलोक आर पथिवी लोक के (अन्तः) भीतर शोषण करता हुभा, या स्वजनों को रक्षा करता हज) (लोककृत्) निज विजय के यणशको बढाता हुञा, (स्वर्धी ) निज सेनिकों की ऋद्धि करनेवाला (मित्रतूर्याय) मित्र राजां की सहायता हारा शत्रुओं के विनाशाथ । २।१५), विजय होने पर विजय की ध्वनियां तत्काल होनी चाहिए ।

English

A base Rājanya, spoiled at dice, and ruined by himself, may eat. The Brāhman’s cow and think, To-day and not tomorrow, let me live!

अध्याय 5

श्लोक 19.7

अ॒ष्टाप॑दी चतुर॒क्षी चतुः॑श्रोत्रा॒ चतु॑र्हनुः ।द्व्याऽस्या॒ द्विजि॑ह्वा भू॒त्वा सा रा॒ष्ट्रमव॑ धूनुते ब्रह्म॒ज्यस्य॑

aṣṭāpadī caturakṣī catuḥśrotrā caturhanuḥ | dvyā'syā dvijihvā bhūtvā sā rāṣṭramava dhūnute brahmajyasya

हिन्दी अर्थ

(अमित्रान्) शत्रुम का (अवर ज द्धुनीहि) यवहनन कर । वाली सेनावाला, (प्रवेदक़ृत्) ठीक सूचनां देनेवाला, (ग्रामघोषी) ग्राम- ग्राममेंमद्धकी घोषणा करनेवाला (प्रवदः) ठीक प्रकारसे कथन करने- २६४ अयर्वेवेदमाष्य काण्ड ५। जनु० ४। सूक्त २० (श्रेयः केतः) श्रेय को जाननेवाला, (वसुजित्) धन विजयी, (सही-

English

The Brāhman’s cow is like a snake, charged with due poison, clothed with skin. Rājanya! bitter to the taste is she, and none may eat of her.

अध्याय 5

श्लोक 19.8

तद् वै रा॒ष्ट्रमा स्र॑वति॒ नावं॑ भि॒न्नामि॑वोद॒कम्।ब्र॒ह्माणं॒ यत्र॒ हिंस॑न्ति॒ तद् रा॒ष्ट्रं ह॑न्ति दु॒च्छुना॑

tad vai rāṣṭramā sravati nāvaṃ bhinnāmivodakam| brahmāṇaṃ yatra hiṃsanti tad rāṣṭraṃ hanti ducchunā

हिन्दी अर्थ

वेदोक्रतविधि द्वारा है दुन्दुभिः (संशितः असि) तू तेज कियागयाहै ऊची ध्वनिसे वुक्त किया गयादहै। (अधिषवणे) पीसकर सोमरस निकालनेवाली शिला पर, (अंशून् इव) जसे सोमांशुञों को (अद्रिः) विदीर्ण विजय-प्राप्ति पर ढोलची विजय-नाच करताहै, उसके साथही, (शतरषाट्) प्रात्रुमों का पराभव करनेवाला, (नीषाट्) नितरां परा- भव करनेवाला, (अभिमातिषाहः) अभिमानियों का पराभव करनेवाला (गवेषणः) एत्र की प्रथिवी को चाहनेवाला, (सहमानः) शत्रकृत आक्रमण को सहनेवाला, (उद्भित्) उसका उद्भेदन करनेवाला तूहे दुन्दुभि !

English

She takes away his strength, she mars his splendour, she ruins everything like fire enkindled. That man drinks poison of the deadly serpent who counts the Brāhman as mere food to feed him.

अध्याय 5

श्लोक 19.9

तं वृ॒क्षा अप॑ सेधन्ति छा॒यां नो॒ मोप॑गा॒ इति॑ ।यो ब्रा॑ह्म॒णस्य॒ सद् धन॑म॒भि ना॑रद॒ मन्य॑ते

taṃ vṛkṣā apa sedhanti chāyāṃ no mopagā iti | yo brāhmaṇasya sad dhanamabhi nārada manyate

हिन्दी अर्थ

वाला, (समदः) मोद-प्रमोदवाला, (गमिष्ठः) शत्रू की भर जानेवाला, (मृधः जेता) संग्राम का जीतनेवाला, (पुर एता) आगे-जागे जानेवाला दुन्दुभि के सदृश उच्च घोषणा करनेवाले सेनापति का मिश्ित वणेन हुजा उपचारमात्रही हुमा है, वेदों मे ओौपचारिक वणेन बहुत्र हैँ । यथा “चेतना- (विह्दयम्) हदो का फटाव तथा (वेमनस्यम्) मनो का फटाव

English

Whoever smites him, deeming him a weakling-blasphemer, coveting his wealth through folly Indra sets fire alight within his bosom. He who acts thus is loathed by Earth and Heaven.

अध्याय 5

श्लोक 19.10

वि॒षमे॒तद् दे॒वकृ॑तं॒ राजा॒ वरु॑णोऽब्रवीत्।न ब्रा॑ह्म॒णस्य॒ गां ज॒ग्ध्वा रा॒ष्ट्रे जा॑गार॒ कश्च॒न

viṣametad devakṛtaṃ rājā varuṇo'bravīt| na brāhmaṇasya gāṃ jagdhvā rāṣṭre jāgāra kaścana

हिन्दी अर्थ

दण्डरूप मे कहा है । इससे अतिरिक्त ओर बिना नही । इन्हे सभाचरः, तथा न्यायालय को सभा कहा है । यथा धर्माय सभाचरम्! (यजु: ३०।६); धमं है न्यायव्यवस्था; सभा है व्याय करनेवालों की, तंवेव्र॑ह्यञ्यते देवा अपां मागम॑धारयन ॥१३॥

English

Within whose kingdom is detained, through want of sense, a Brāhman’s dame.

अध्याय 5

श्लोक 19.11

नवै॒व ता न॑व॒तयो॒ या भूमि॒र्व्यऽधूनुत ।प्र॒जां हिं॑सि॒त्वा ब्राह्म॑णीमसंभ॒व्यं परा॑भवन्

navaiva tā navatayo yā bhūmirvya'dhūnuta | prajāṃ hiṃsitvā brāhmaṇīmasaṃbhavyaṃ parābhavan

हिन्दी अर्थ

(कृपमाणस्य) कृपा के पात्र बने, (जीतस्य) जीवनहानि पहुंचाये गये बराह्मण के जीवन को हानि पहुंचानेवाले है राजन् ! (वे) निश्चय से (तम् अपां भागम्) उस अश्रूरूप जल-भाग को (ते) तेरे लिए (देवाः) दिष्य, तं वर ब्र॑ह्मज्य ते देवा अपां मागम॑धारमन ।१५॥ (येन) जिस जल द्वारा (मृतम्) मरे हए को (नपयन्ति) स्नान कराते रै, (येन) जिस द्वारा (दमभ्रूणि) मृदो क वालों रोम को व्यक्ति

English

No steward, golden-necklaced, goes before the meat-trays of the man. Within whose kingdom is detained, through want of sense, a

अध्याय 5

श्लोक 19.12

यां मृ॒ताया॑नुब॒ध्नन्ति॑ कू॒द्यंऽ पद॒योप॑नीम्।तद् वै ब्र॑ह्मज्य ते दे॒वा उ॑प॒स्तर॑णमब्रुवन्

yāṃ mṛtāyānubadhnanti kūdyaṃ' padayopanīm| tad vai brahmajya te devā upastaraṇamabruvan

हिन्दी अर्थ

वाले ह राजन् ! (वै) निश्चय से (तम्, अपां भागम्) उस जल-भागको (ते) तेरे लिए देवाः) दिव्य न्यायाधीशों ने (अधारयन्) निर्धारित कियाहै। नास्मै समितिः कर्पते न भित्र न॑यते वश॑म् ॥१५॥

English

Brāhman’s dame. No black-eared courser, white of hue, moves proudly, harnessed to his car,

अध्याय 5

श्लोक 19.13

अश्रू॑णि॒ कृप॑मानस्य॒ यानि॑ जी॒तस्य॑ वावृ॒तुः ।तं वै ब्र॑ह्मज्य ते दे॒वा अ॒पां भा॒गम॑धारयन्

aśrūṇi kṛpamānasya yāni jītasya vāvṛtuḥ | taṃ vai brahmajya te devā apāṃ bhāgamadhārayan

हिन्दी अर्थ

सुख-वर्षा (न वषेति) नहीं बरसती, नहीं होती , (न) ओर न (अस्मे) इसके लिए (समितिः) अपनी राजसभा (कल्पते) सामर्थ्यवती होती है, (न) तथा न (मित्रम्) मित्र-राजाको (वशम्) वशमें (नयते) ला सकता दह स्वानुकूल कर सकता है । यथा “शा 811४ 116 7९ पलंहाफणणा त ८108." (आप्टे), अर्थात् साथी, जोकि ओर राजा का वणेन, राजनीतिक तत्त्वों कै परिज्ञानाथं हज है। ऊची आवाजवाल। (दुन्दुभिः) ढोल है, (सत्वनायन्') बली सेन्यदलके साथ

English

In whose dominion is detained, through want of sense, a Brāhman’s dame.

अध्याय 5

श्लोक 19.14

येन॑ मृ॒तं स्न॒पय॑न्ति॒ श्मश्रू॑णि॒ येनोन्दते॑ ।तं वै ब्र॑ह्मज्य ते दे॒वा अ॒पां भा॒गम॑धारयन्

yena mṛtaṃ snapayanti śmaśrūṇi yenondate | taṃ vai brahmajya te devā apāṃ bhāgamadhārayan

हिन्दी अर्थ

१. युद्धस्थली मं ढोल को विशेष प्रकार को अवाज से योद्धाओं में जोश वैदा हौ जातारै, यह् ही सत्व है, ग्ल है। २६० अयर्ववेदभाष्य काण्ड ५। अनु° ४। सूक्त २० यद्ध मेँ जाता हुमा (वाचम्) वाणी या जावाज को (क्षुणुवानः ) करता हुमा,

English

No lily grows with oval bulbs, no lotus-pool is in his field, In whose dominion is detained, through senseless love, a

अध्याय 5

श्लोक 19.15

न व॒र्षं मै॑त्रावरु॒णं ब्र॑ह्म॒ज्यम॒भि व॑र्षति ।नास्मै॒ समि॑तिः कल्पते॒ न मि॒त्रं न॑यते॒ वश॑म्

na varṣaṃ maitrāvaruṇaṃ brahmajyamabhi varṣati | nāsmai samitiḥ kalpate na mitraṃ nayate vaśam

हिन्दी अर्थ

करता हुआ, (सिंहः इव ) सिह के सदृश (तंस्तनी हि) गजं (स्तनयित्नूवत् ) । के साथ आत्ता हुजा । क्षुणुवानः= टुक्षु शब्दे (जदादिः) । सिह इवास्तानीद् दरवयो विवद्धाऽभिकरन्दर॑नूषभो वासितामिव । (दरवयः) काष्ठनिर्मित, (विबद्धः) विशेषरूपमें चमं आदिद्ारा बेधा हआ दुन्दुभि (सिंहः इव) सिह के सदृश (अस्तानीत्) गर्जाहै, मौर (वासिताम्) विशेष गन्धवाली! गौ के (अभि) सम्मुख (ऋषभः इव) जंसे वैल (कन्दन्) शब्द करता हुमा जाता है वेरोत् शतु कीओरजा। हे विदयत् का है, (अभिमातिषाहः) जोकि अभिमानियो का पराभव करता है ।

English

Brāhman’s dame. The men whose task it is to milk drain not the brindled cow for him,

अध्याय 5

श्लोक 20.1

शत्रुसेनात्रासनम्।१-१२ ब्रह्मा।वनस्पतिः, दुन्दुभिः।त्रिष्टुप्, १ जगती।उ॒च्चैर्घो॑षो दुन्दु॒भिः स॑त्वना॒यन् वा॑नस्प॒त्यः संभृ॑त उ॒स्रिया॑भिः ।वाचं॑ क्षुणुवा॒नो द॒मय॑न्त्स॒पत्ना॑न्त्सिं॒ह इ॑व जे॒ष्यन्न॒भि तंस्तनीहि

śatrusenātrāsanam| 1-12 brahmā| vanaspatiḥ, dundubhiḥ| triṣṭup, 1 jagatī| uccairghoṣo dundubhiḥ satvanāyan vānaspatyaḥ saṃbhṛta usriyābhiḥ | vācaṃ kṣuṇuvāno damayantsapatnāntsiṃha iva jeṣyannabhi taṃstanīhi

हिन्दी अर्थ

भय (अमित्रेषु) दुर्मनो मे (निदध्मसि) हम सैनिक स्थापित करते ह 1 (दुन्दुभे) है इन्दुभि ! (एनान् अवजहि) इनका तु अवहूनन कर, नाश शत्रूषाट् ---णनरन् सहते, नकार का लोप । गवेषणः =नगौः प्रथिवी २६६ अध्वेवेदमाष्य काण्ड ५। अनु०° ४ । सुक्त २१

English

No Brāhman must be injured, safe as fire from him who loves himself. For Soma is akin to him and Indra guards him from the curse. The fool who eats the Brāhmans’ food and thinks it pleasant to the taste,

अध्याय 5

श्लोक 20.2

सिं॒ह इ॑वास्तानीद् द्रु॒वयो॒ विब॑द्धोऽभि॒क्रन्द॑न्नृष॒भो वा॑सि॒तामि॑व ।वृषा॒ त्वं वध्र॑यस्ते स॒पत्ना॑ ऐ॒न्द्रस्ते॒ शुष्मो॑ अभिमातिषा॒हः

siṃha ivāstānīd druvayo vibaddho'bhikrandannṛṣabho vāsitāmiva | vṛṣā tvaṃ vadhrayaste sapatnā aindraste śuṣmo abhimātiṣāhaḥ

हिन्दी अर्थ

सर्वै देवा अतित्रसन ये संग्रामस्येशते ।७॥ (दृन्दुभिना) दु्दुभि द्वारा, (च) गौर (हरिणस्य) हरिण के (अजि- भयभीत कर दियाहै, (ये) जो देव क्रि (संग्रामस्य) संग्रामके (ईशते)

English

Pursuing him with fiery zeal and anger, they pierce the foeman even from a distance. They who, themselves ten hundred, were the rulers of a thousand men, The Vaitahavyas, were destroyed for that they ate a Brāhman’s cow.

अध्याय 5

श्लोक 20.3

वृषे॑व यू॒थे सह॑सा विदा॒नो ग॒व्यन्न॒भि रु॑व संधनाजित्।शु॒चा वि॑ध्य॒ हृद॑यं॒ परे॑षां हि॒त्वा ग्रामा॒न् प्रच्यु॑ता यन्तु॒ शत्र॑वः

vṛṣeva yūthe sahasā vidāno gavyannabhi ruva saṃdhanājit| śucā vidhya hṛdayaṃ pareṣāṃ hitvā grāmān pracyutā yantu śatravaḥ

हिन्दी अर्थ

येदेवरहैँ सम्राट् की सेनाकी देखभाल करनेवाले मधिकारी। सस्रा के दुन्दुभि का घोष परसेना को भयभीत कर देता है, परन्तु हरिणो के अजिन, पर सेना को अत्तिभयभीत करदेतेर्हैँ। येह भजिनोंमेंच्िे सैनिक । शत्र तो जानते है किये हरिण, इन्द आसानीतेमाराजा सक्ता है, परन्तु ये हरिण भी जव लइते हँ तो शत्रुसेना अतिभयभीत हो जाती के साथ लडना तो अतिशय दुष्कर हो गया । हरिणो के अजिन अजिनं मे ढके सम्राट् के सेनिक। भूमि में मानो क्रीडा करतार, (तैः) उन पद्घोषौंकेद्वारा (नः) हमारे २६८ अथर्वैवेदमाष्य काण्ड ५। भनु०° ४ । सूक्त २१

English

The cow, indeed, when she was slain o’erthrew those Vaitahavyas, who Cooked the last she-goat that remained of Kesaraprābandhā’s flock.

अध्याय 5

श्लोक 20.4

सं॒जय॒न् पृत॑ना ऊ॒र्ध्वमा॑यु॒र्गृह्या॑ गृह्णा॒नो ब॑हु॒धा वि च॑क्ष्व ।दैवीं॒ वाचं॑ दुन्दुभ॒ आ गु॑रस्व वे॒धाः शत्रू॑णा॒मुप॑ भरस्व॒ वेदः॑

saṃjayan pṛtanā ūrdhvamāyurgṛhyā gṛhṇāno bahudhā vi cakṣva | daivīṃ vācaṃ dundubha ā gurasva vedhāḥ śatrūṇāmupa bharasva vedaḥ

हिन्दी अर्थ

(अनीकशः) नाना सेनाहूप मँ (यन्ति) यद्धभूमि में विचरतेरह। अतः महाणक्तिशालौ है। शव्रसेना उसके लिए मानो कछायारूप है, निःशक्त है छायावत । इन्द्रकी सेना के पद्घोषोंके दही भयसे शत्र की सेनाएं भय- जिसे सेनिक प्रसन्नता से खेलते है, निज क्षात्रधमे जानकर ।

English

One and a hundred were the folk, those whom the earth shook off from her: When they had wronged the Brāhman race they perished incon- ceivably. Among mankind the Gods’ despiser moveth: he hath drunk poison, naught but bone is left

अध्याय 5

श्लोक 20.5

दु॒न्दु॒भेर्वाचं॒ प्रय॑तां॒ वद॑न्तीमाशृण्व॒ती ना॑थि॒ता घोष॑बुद्धा ।नारी॑ पु॒त्रं धा॑वतु हस्त॒गह्या॑मि॒त्री भी॒ता स॑म॒रे व॒धाना॑म्

dundubhervācaṃ prayatāṃ vadantīmāśṛṇvatī nāthitā ghoṣabuddhā | nārī putraṃ dhāvatu hastagahyāmitrī bhītā samare vadhānām

हिन्दी अर्थ

सेनाः पराजिता यतीरमित्राणामनीकशः ९॥ (याः दिशः) जो दिशाएं हैँ उन्हें, (ज्याघोषाः) हमारे धनुषो की । दुन्दुभयः प्रथम वार बहुवचन में ।' सेनाः-शत्रुओं की नाना सेनाएं । अनीकणः = पदाति्योँ, अश्वा रोहियों, रथियों, हस्तिपको तथा खाद सामग्री पहुंचानेवालों की भिन्न-भिन्न श्रेणियां । चक्षुओं को छीन ले, (मरीचयः) है रदिमियो ! (अनु) आदित्य की अनुकूलता मे या उसके पीषे-पीछ (धावत) दौड़ो । (पत्संगिनीः) शत्रूओं के पैरोकी सङ््खिन-साथिन बेडियां (जासजन्तु) इनके पैरों में आसक्त रहें, लगी रहँ, (बाहुवीर्ये) इन शत्रु सेनाओं की बाहों कौ वीरता के (विगते) चले जाने पर, अर्थात् जव उनकी बाहुभों मे लड़ने कौ शक्ति न रहे ।

English

him. Who wrongs the kinsman of the Gods, the Brāhman, gains not the sphere to which the

अध्याय 5

श्लोक 20.6

पूर्वो॑ दुन्दुभे॒ प्र व॑दासि॒ वाचं॒ भूम्याः॑ पृ॒ष्ठे व॑द॒ रोच॑मानः ।अ॒मि॒त्र॒से॒नाम॑भि॒जञ्ज॑भानो द्यु॒मद् व॑द दुन्दुभे सू॒नृता॑वत्

pūrvo dundubhe pra vadāsi vācaṃ bhūmyāḥ pṛṣṭhe vada rocamānaḥ | amitrasenāmabhijañjabhāno dyumad vada dundubhe sūnṛtāvat

हिन्दी अर्थ

प्रदान करती दह, विनादहून दोके चक्षु देख नहीं सकते, अतः अभिप्राय. दुन्दुभि भी भेज, जोकि स्वजातीय सैनिकों मे जोडा पदा कर सके । कै चक्षओं पर डाला जाए, ताकि उनमें देखने कौ शक्ति न रहे, जैसे टाचं

English

Fathers travelled. Agni, in sooth, is called our guide, Soma is called our next of kin. Indra quells him who curses us. Sages know well that this is so.

अध्याय 5

श्लोक 20.7

अ॒न्त॒रेमे नभ॑सी॒ घोषो॑ अस्तु॒ पृथ॑क् ते ध्व॒नयो॑ यन्तु॒ शीभ॑म्।अ॒भि क्र॑न्द स्त॒नयो॒त्पिपा॑नः श्लोक॒कृन्मि॑त्र॒तूर्या॑य स्व॒र्धी

antareme nabhasī ghoṣo astu pṛthak te dhvanayo yantu śībham| abhi kranda stanayotpipānaḥ ślokakṛnmitratūryāya svardhī

हिन्दी अर्थ

सामो राजा वरणो राजां महादेव उत मृत्युरिनद्रः ॥११॥ (प्ररिनमातरः) निज राष्टृभूमि को माता जाननेवाले, (उग्राः) उग्र, के सहयोग द्वारा (शत्रून्) णवुओं को (प्रमृणीत मारो। (सोमः राजा) तेनाध्यक्ष राजा, (वरुणः राजा) राष्टरपति राजा, (महादेवः) देवाधिदेव मरुतः (यज् १७।४० । महादेवः (अथव ° १ ३।४( १)।४) । एता देवसेनाः सू्ैकेतवः सच॑तसः । मकेतवः ङ्किति कण्डोवाली, (सचेतसः) एकचित्तवाली, (सू्ेकेतवः) सूर्याद्धुिति क्लण्डोवाली, ध (एताः) ये मन्त्र ११ मे कथित (देवसेनाः) देवों की सेनाण (नः) हमारे

English

Prince! like a poisoned arrow, like a deadly snake, O lord of kine! Dire is the Brāhman’s arrow: he pierces his enemies therewith.

अध्याय 5

श्लोक 20.8

धी॒भिः कृ॒तः प्र व॑दाति॒ वाच॒मुद्ध॑र्षय॒ सत्व॑ना॒मायु॑धानि ।इन्द्र॑मेदी॒ सत्व॑नो॒ नि ह्व॑यस्व मि॒त्रैर॒मित्राँ॒ अव॑ जङ्घनीहि

dhībhiḥ kṛtaḥ pra vadāti vācamuddharṣaya satvanāmāyudhāni | indramedī satvano ni hvayasva mitrairamitrā~ ava jaṅghanīhi

हिन्दी अर्थ

जहतियां --युद्धयज्ञ मे सैनिको कौ आत्माहृतियां । न मं सूयैकेतवः कहा है । एता देवसेनाः” मे महादेव अर्थात् परमेश्वर को देवसेनाओं का अद्धीभूत दर्शाया है। वह्भी ४ है, सूये उसका केतु ¶ ज्ञापक है । यथा-- 1) पुरुषः सोऽसावहम् । ओरेम खं ब्रह्म ।। (यजुः° ४०।१७) । अर्थात् वह॒ जो आदित्य मे पुरुष है वह मँ हूं, जिसका कि नाम

English

The wickedness of robbing or insulting Brāhmans The sons of Vitahavya, the Srinjayas, waxed exceeding strong. They well-nigh touched the heavens, but they wronged Bhrigu and were overthrown.

अध्याय 5

श्लोक 20.9

सं॒क्रन्दनः॑ प्रव॒दो धृ॒ष्णुषे॑णः प्रवेद॒कृद् ब॑हु॒धा ग्रा॑मघो॒षी।श्रेयो॑ वन्वा॒नो व॒युना॑नि वि॒द्वान् की॒र्तिं ब॒हुभ्यो॒ वि ह॑र द्विरा॒जे

saṃkrandanaḥ pravado dhṛṣṇuṣeṇaḥ pravedakṛd bahudhā grāmaghoṣī| śreyo vanvāno vayunāni vidvān kīrtiṃ bahubhyo vi hara dvirāje

हिन्दी अर्थ

वेदिवदः समिधः शोडुचाना अप् द्रेषास्यञुया भवन्तु ॥१॥ (पूतदक्षाः वरुणः) पवित्रकारी बलवाला उत्तम जल (इतः) इस रोगी या (वेदिः बहिः) वेदी ओर कुंशास्तरण, (समिधः) यज्ञिय वृक्षो की समिधाएं (शोशुचानाः) अग्नि हारा चमकती हृरद (भवन्तु) हों, अमुया उस विधिसे (बरेषांसि) देषकारी रोगकीटाणु (अप) अपगत हों ।

English

When men pierced Brihatsāman through, the Brāhman, son of Angiras,

अध्याय 5

श्लोक 20.10

श्रेयः॑केतो वसु॒जित् सहीयान्त्संग्राम॒जित् संशि॑तो॒ ब्रह्म॑णासि ।अं॒शूनि॑व॒ ग्रावा॑धि॒षव॑णे॒ अद्रि॑र्ग॒व्य॑न् दु॑न्दु॒भेऽधि॑ नृत्य॒ वेदः॑

śreyaḥketo vasujit sahīyāntsaṃgrāmajit saṃśito brahmaṇāsi | aṃśūniva grāvādhiṣavaṇe adrirgavyan dundubhe'dhi nṛtya vedaḥ

हिन्दी अर्थ

करमशम् = कश (गतौ, चञ्चलता, गड़बड़) मश ॒(रोषङृते धावन्तु विभ्य॑तो ऽपि; प्रजासेनाञ्यं हते ॥२॥ (मनसा, चक्षुषा, हृदयेन, च) मनसे, चक्षु से गौर हदय से (उद्रेप- मानाः) कापते हुए (अमित्राः) शत्रु, (बिभ्यतः) भयभीत हुए (धावन्तु) (उस्रियाभिः) गौबों के चमं ओर स्नायुओंद्वारा (संभृतः) तैयार.

English

Eats, but can ne’er digest, the cow that bristles with a hundred barbs, His voice an arrow’s neck, his tongue a bowstring, his windpipes fire-enveloped heads of

अध्याय 5

श्लोक 20.11

श॒त्रू॒षाण् नी॒षाड॑भिमातिषा॒हो ग॒वेष॑णः॒ सह॑मान उ॒द्भित्।वा॒ग्वीव॒ मन्त्रं॒ प्र भ॑रस्व॒ वाचं॒ सांग्रा॑मजित्या॒येष॒मुद् व॑दे॒ह

śatrūṣāṇ nīṣāḍabhimātiṣāho gaveṣaṇaḥ sahamāna udbhit| vāgvīva mantraṃ pra bharasva vācaṃ sāṃgrāmajityāyeṣamud vadeha

हिन्दी अर्थ

वानस्पत्यः (२०।१) । अभिघारितः= घु सेचने (भ्वादिः) । (यथा) जिस प्रकार (मारण्याः मृगाः) अरण्यके मग (पुरुषात् अधि) पुरुष से (संविजन्ते) भयभीत होते है, (एवा) इस प्रकार (दुन्दुभे) को मोहय कतव्याकत्तंग्य के ज्ञान से रहित कर।

English

arrows, With these the Brāhman pierces through blasphemers, with God-sped bows that quell the hearts within them.

अध्याय 5

श्लोक 20.12

अ॒च्यु॒त॒च्युत् स॒मदो॒ गमि॑ष्ठो॒ मृधो॒ जेता॑ पुरए॒तायो॒ध्यः ।इन्द्रे॑ण गु॒प्तो वि॒दथा॑ नि॒चिक्य॑द्धृ॒द्द्योत॑नो द्विष॒तां या॑हि॒ शीभ॑म्

acyutacyut samado gamiṣṭho mṛdho jetā puraetāyodhyaḥ | indreṇa gupto vidathā nicikyaddhṛddyotano dviṣatāṃ yāhi śībham

हिन्दी अर्थ

(यथा) जिस प्रकार (वृकात्) भेद्य से (बहुविभ्यतीः) बहुत भय करती हुई (अजावयः) बकरिर्या-भेडं (धावन्ति) दौड जाती है, (एवा) इस (यथा) जिस प्रकार (अहदिवि) दिनके प्रकाश मे (पतत्रिणः) पक्षी (सहस्य स्तनथोः) शेर की गजंनासे पश् भय करतेर्हु, (एवा) इस

English

Keen arrows have the Brāhmans, armed with missiles: the shaft, when they discharge it, never faileth.

अध्याय 5

श्लोक 21.1

शत्रुसेनात्रासनम्।१-१२ ब्रह्म।वनस्पतिः, दुन्दुभिः, १०-१२ आदित्यादयः।अनुष्टुप्, १, ४-५ पथ्यापङ्क्तिः, ६ जगती, ११ बृहतीगर्भा त्रिष्टुप्, १२ त्रिपदा यवमध्या गायत्री।विहृ॑दयं वैमन॒स्यं वदा॒मित्रे॑षु दुन्दुभे ।वि॒द्वे॒षं कश्म॑शं भ॒यम॒मित्रे॑षु॒ नि द॑ध्म॒स्यवैनान् दुन्दुभे जहि

śatrusenātrāsanam| 1-12 brahma| vanaspatiḥ, dundubhiḥ, 10-12 ādityādayaḥ| anuṣṭup, 1, 4-5 pathyāpaṅktiḥ, 6 jagatī, 11 bṛhatīgarbhā triṣṭup, 12 tripadā yavamadhyā gāyatrī| vihṛdayaṃ vaimanasyaṃ vadāmitreṣu dundubhe | vidveṣaṃ kaśmaśaṃ bhayamamitreṣu ni dadhmasyavainān dundubhe jahi

हिन्दी अर्थ

शुद्धजल, जलचिकित्सा के लिए । अमुया अमुना (सुपां सुलुक्, अष्टा० ७।१।३६ ) दवारा “या” । वेदिः ओर बर्हिः = यज्ञनिमित्त बैठने के लिए। समिधः यज्ञिय वृक्षों की । यज्ञिय वृक्ष-=-आम, पलाश, शमी, पीपल, बड़,

English

The ram with teeth in both his jaws, the sheep, devoured their progeny. 63 If men have spat upon, or shot their rheum upon a Brāhman, they.

अध्याय 5

श्लोक 21.2

उ॒द्वेप॑माना॒ मन॑सा॒ चक्षु॑षा॒ हृद॑येन च ।धाव॑न्तु॒ बिभ्य॑तो॒ऽमित्राः॑ प्रत्रा॒सेनाज्ये॑ हु॒ते

udvepamānā manasā cakṣuṣā hṛdayena ca | dhāvantu bibhyato'mitrāḥ pratrāsenājye hute

हिन्दी अर्थ

२७२ अथवंवेदभाष्य काण्ड ५। अनु०° ५। सूक्त २२ कों अरस्य मूजवन्त ओको अर्य महावृषाः । (अस्य) इस तक्मा-ज्वर का (ओकः) घर है (मूजवन्तः) मंजकी ।

English

She grows eight-footed, and four-eyed, four-eared, four-jawed, two-faced, two-tongued, And shatters down the kingdom of the man who doth the Brāhman wrong.

अध्याय 5

श्लोक 21.3

वा॒न॒स्प॒त्यः संभृ॑त उ॒स्रिया॑भिर्वि॒श्वगो॑त्र्यः ।प्र॒त्रा॒सम॒मित्रे॑भ्यो व॒दाज्ये॑ना॒भिघा॑रितः

vānaspatyaḥ saṃbhṛta usriyābhirviśvagotryaḥ | pratrāsamamitrebhyo vadājyenābhighāritaḥ

हिन्दी अर्थ

हमा है (तावान्) उतना ही (असि) तु है, अब (वल्हिकिषु) जल-प्रधान न्योचरः-=नि-+आ-।उ-+चरः, चरतीति चरः। अभिप्राय यह् कि तक्मा-ज्वर वहां होता है जर्हा मूँज पैदा होती है, तथा महावर्षा होती है । ही वह रह गया है, बढ़ने नहीं पाया । उसकी प्रधानता उन्हीं प्रदेशों मे है गृह सब ओर से भाच्छादित रहतेर्है ओौर उनमेनतोशुद्धवायुका संचार होतादहै, न सूर्ररिमयों का । निवासगृह एसे होने चाहिए जिनमें बहुत प्रकाशवाली रदिमर्या' माए (ऋ ० १।१५४।६), निरुक्त (२।२।८) । 'वल्हि- केषु" पद संज्ञावाची नहीं, अपितु यौ गिकार्थंक है

English

As water swamps a leaky ship so ruin overflows that realm. Misfortune smites the realm wherein a Brāhman suffers scath and harm.

अध्याय 5

श्लोक 21.4

यथा॑ मृ॒गाः सं॑वि॒जन्त॑ आर॒ण्याः पुरु॑षा॒दधि॑ ।ए॒वा त्वं दु॑न्दुभे॒ऽमित्रा॑न॒भि क्र॑न्द॒ प्र त्रा॑स॒याथो॑ चि॒त्तानि॑ मोहय

yathā mṛgāḥ saṃvijanta āraṇyāḥ puruṣādadhi | evā tvaṃ dundubhe'mitrānabhi kranda pra trāsayātho cittāni mohaya

हिन्दी अर्थ

(व्याल) विशेषरूप में समाप्त कर देनेवाले !, (वि गद) व्यक्त वाणी बोलने से विगत कर देनेवाले ! (व्यङ्ग) अङ्गं को विकृत कर देनेवाल! व्यालः=वि + आ +-अल ('भलम्' कर देनेवाला, समाप्त कर गौर शारीरिक परिश्रम नहीं करतीं, अतः वे तक्मासे पराभूत हो जाती है । (देखिये मन्त्र ७) ।

English

The very trees repel the man, and drive him from their sheltering shade, Whoever claims, O Nārada, the treasure that a Brāhman owns. That wealth, King Varuna hath said, is poison by the Gods prepared.

अध्याय 5

श्लोक 21.5

यथा॒ वृका॑दजा॒वयो॒ धाव॑न्ति ब॒हु बिभ्य॑तीः ।ए॒वा त्वं दु॑न्दुभे॒ऽमित्रा॑न॒भि क्र॑न्द॒ प्र त्रा॑स॒याथो॑ चि॒त्तानि॑ मोहय

yathā vṛkādajāvayo dhāvanti bahu bibhyatīḥ | evā tvaṃ dundubhe'mitrānabhi kranda pra trāsayātho cittāni mohaya

हिन्दी अर्थ

गृहो को, (वा) या (परस्तराम्) उनसे भी परेके प्रदेशों कोतुजा। शोक से गति करनेवाली कन्या को (इच्छ) तू चाह, (ताम्) उसे (वि, इव, धूनुहि) तू विकम्पित सद्रुश कर । । ॑ किं शोकान्विता है, “शुचा द्रवतीति शद्रा । वह पीवरीहे, मोटी है, कफ- जिन्हे महावृषान् कहा है (मन्व ४, ५, ८) ।

English

None hath kept watch to guard his realm who hath devoured a Brāhman’s cow.

अध्याय 5

श्लोक 21.6

यथा॑ श्ये॒नात् प॑त॒त्रिणः॑ संवि॒जन्ते॒ अह॑र्दिवि सिं॒हस्य॑ स्त॒नथो॒र्यथा॑ ।ए॒वा त्वं दु॑न्दुभे॒ऽमित्रा॑न॒भि क्र॑न्द॒ प्र त्रा॑स॒याथो॑ चि॒त्तानि॑ मोहय

yathā śyenāt patatriṇaḥ saṃvijante ahardivi siṃhasya stanathoryathā | evā tvaṃ dundubhe'mitrānabhi kranda pra trāsayātho cittāni mohaya

हिन्दी अर्थ

उनका भक्षण कर । (एतानि) इन महावृष आदि प्रेषो को (तक्मने) प्रदेशों मे (न रमसे) यदित रमण नहीं करता, उनमें यदि तू नहीं रहना चाहता तो (वशी सन्) हमारे वश में होकर (नः) हमे (मृडयासि) तरू योजनवाला", यहाँ के प्रदेशों से (अभूत्) हौ गया है, (सः) वह् (गमिष्यति) चला जायगा (बल्हिकान्) बल्हिक प्रदेशों को ।

English

Those nine-and-ninety people whom Earth shook and cast away from her, When they had wronged the Brāhman race were ruined incon- ceivably. Oppressor of the Brāhmans! thus the Gods have spoken and declared,

अध्याय 5

श्लोक 21.7

परा॒मित्रा॑न् दुन्दु॒भिना॑ हरि॒णस्या॒जिने॑न च ।सर्वे॑ दे॒वा अ॑तित्रस॒न् ये सं॑ग्रा॒मस्येशते

parāmitrān dundubhinā hariṇasyājinena ca | sarve devā atitrasan ye saṃgrāmasyeśate

हिन्दी अर्थ

अतः इन भिन्न क्षेत्रों मे वह रमण नहीं कर पाता, अतः इन प्रदेशों के लोग सुखी रहते हैँ । इन प्रदेशों मे तक्मा का निवास निष्प्रयोजन हो गया जहां कि उसे मौका मिल सके निज वृद्धिका । वेदिक वणेन बहुधा कवियों कीशेली में हुए है, अतः अचेतन तक्मा को चेतन कल्पित कर उसमें चेतन यत् त्वं शीतोऽथों रूरः सह कासवेंपयः । तथा (रूरः) गमेरूप है, ओर (कासा, सह्) खासी के साथ (अवेपयः) तूने

English

The step-effacing wisp they bind upon the dead shall be thy couch. Oppressor of the Brāhmans! tears wept by the man who suffers wrong,

अध्याय 5

श्लोक 21.8

यैरिन्द्रः॑ प्र॒क्रीड॑ते पद्घो॒षैश्छा॒यया॑ स॒ह।तैर॒मित्रा॑स्त्रसन्तु नो॒ऽमी ये यन्त्य॑नीक॒शः

yairindraḥ prakrīḍate padghoṣaiśchāyayā saha| tairamitrāstrasantu no'mī ye yantyanīkaśaḥ

हिन्दी अर्थ

(भीमाः) भयानकरहै,(तार्भिः) उन अस्त्रो के साथतु (नः)हमे (परिवृडग्धि) पुणेतया परित्यक्त कर दे । मा स्मेतान्त्सखीन कुरुथा बलासं कासमुंयुगम् । ओर हिचकी को (सखीन् ) साथी (मास्मकुरुथाः) तुन कर, (अतः) इस रुण व्यक्तिसे (अर्वाङ) इधर हमारी मोर (मा.स्म,आ,षएैः)तूनओआ, १. इन प्रदेशों मे वह् निवासियो वे वशम रहता है, परवश होकर रहता है, निज

English

These are the share of water which the Gods have destined to be thine. The share of water which the Gods have destined to be thine, is that, Oppressor of the priest! wherewith men lave the corpse and wet the beard.

अध्याय 5

श्लोक 21.9

ज्या॒घो॒षा दु॑न्दु॒भयो॒ भि क्रो॑शन्तु॒ या दिशः॑ ।सेनाः॒ परा॑जिता य॒तीर॒मित्रा॑णामनीक॒शः

jyāghoṣā dundubhayo bhi krośantu yā diśaḥ | senāḥ parājitā yatīramitrāṇāmanīkaśaḥ

हिन्दी अर्थ

प्रभाव-प्रदशोन नहीं कर पाता । उसका रहना अब निष्प्रयोजन हौ गया है, अतः वह् बल्हिकं आदि प्रदेशो में घला जाएगा, यह् निरिचत है । कफ । बलगम 1 उदयगम् = उद् (ऊपर की ओर) युजिर् योगे (रुधादिः); तक्मा ज्वर में बलास, खासी ओर हिचकी हो जातेरह। (स्वस्रा कासिकया) ओर बहिन खसिी के (सह) साथ, तथा (पाप्मा) पापी जनम्) उस जन को (गच्छ) तु प्राप्त हो, उसकीबोरतू जा।

English

The rain of Mitra-Varuna falls not on him who wrongs the priest. To him no counsel brings success: he wins, no friend to do his will.

अध्याय 5

श्लोक 21.10

आदि॑त्य॒ चक्षु॒रा द॑त्स्व॒ मरी॑च॒योऽनु॑ धावत ।प॒त्स॒ङ्गिनी॒रा स॑जन्तु॒ विग॑ते बाहुवी॒र्येऽ

āditya cakṣurā datsva marīcayo'nu dhāvata | patsaṅginīrā sajantu vigate bāhuvīrye'

हिन्दी अर्थ

(अयम्) यह तु (यः) जोकि (उच्छोचयन्) रक्तको सुखात हभ, सबको (हरितान्) हरे रद्गवाले (कृणोषि) कर देता है, (अधा) अव अथ १. सूक्तमें तक्मा का वर्णन पुरुषविध में हुआ । कविता सलीमे तक्मा को चेतन “जीवन को कृच्छुमय कर देनेवाला ज्वर'', चाहे वह मलेरिया हौ, सिरका ज्वर हो, अन्य प्रकारका ञ्यर हो ।

English

Sit in the middle of a stream running with blood, devouring hair. While yet the Brāhman’s cow which men are dressing quivers in her throe:

अध्याय 5

श्लोक 21.11

यू॒यमु॒ग्रा म॑रुतः पृश्निमातर॒ इन्द्रे॑ण यु॒जा प्र मृ॑णीत॒ शत्रू॑न्।सोमो॒ राजा॒ वरु॑णो॒ राजा॑ महादे॒व उ॒त मृ॒त्युरिन्द्रः॑

yūyamugrā marutaḥ pṛśnimātara indreṇa yujā pra mṛṇīta śatrūn| somo rājā varuṇo rājā mahādeva uta mṛtyurindraḥ

हिन्दी अर्थ

कृच्छं बनानेवालि है ज्वर ! (अरसः) रसरहित अर्थात् शकतिरहित ( हि) ही (भूयाः) तू हो जा, (अधा) तदनन्तर (न्यक्) नीचे को ओर से, (वा) या (अधराक्) शरीर केकिसी भी भाग से उतर जानेवाला होकर, (परेहि) हरितान् = लालरक्त के सूख जाने पर अशुद्ध रक्त काहरा वण। (यः) जो (परुषः) कठोर ओर (पारुषेयः) कठोर शरीर से उत्पन्न, तथा (अवध्वंसः) पदिचमदिशा मेँ नीचे पतित होते हए (इव) सयं कै सदुश (अरुणः) लाल है (तक्मानम्) उस तकमा-ज्वर को, (विरवधावीर्य) है सब

English

She mars the kingdom’s splendour: there no vigorous hero springs to life. Terrible is her cutting-up: her bitter flesh is cast away, And it is counted sin among the Fathers if her milk is drunk.

अध्याय 5

श्लोक 21.12

ए॒ता दे॑वसे॒नाः सूर्य॑केतवः॒ सचे॑तसः ।अ॒मित्रा॑न् नो जयन्तु॒ स्वाहा॑

etā devasenāḥ sūryaketavaḥ sacetasaḥ | amitrān no jayantu svāhā

हिन्दी अर्थ

ज्वर के साथ जव पसीना नहीं आता तव वह परुष ओौर पारुषेय होता है । अवध्वंसः = भव - ध्वंसु अवस्रंसने, गतौ च (भ्वादिः ) । सूयं जब भस्त होतादहैतो लाल होता द । परूप-तक्मा मुख को लाल कर देता ह, अत्युष्णता के कारण । पसीना आने पर शरीर रण्डा हो जातादहै, लाल नहीं (तक्मने) जीवन को कृच्छं करनेवाले ज्वर के विनाशार्थं , (नमः वाले, उतर जानेवाले ज्वर को (प्रहिणोमि) मैँदूर करता हूं । (शकम्भरस्य) शवित धारण करनेवाले, ज्वर की भी (मूष्ट्हा) पसे हत्या करदेताहू, +भ (धारणे, पोषणे च) । महावृषान् = महावर्षाविाले प्रदेशो में मलेरिया

English

If any King who deems himself mighty would eat a Brāhman up, Rent and disrupted is that realm wherein a Brāhman is oppres- sed.

अध्याय 5

श्लोक 22.1

तक्मनाशनम्।१-१४ भृग्वङ्गिराः।तक्मनाशनः।अनुष्टुप्, १ भुरिक् त्रिष्टुप्, २ त्रिष्टुप्, ५ विराट्, पथ्याबृहती।अ॒ग्निस्त॒क्मान॒मप॑ बाधतामि॒तः सोमो॒ ग्रावा॒ वरु॑णः पू॒तद॑क्षाः ।वेदि॑र्ब॒र्हिः स॒मिधः॒ शोशु॑चाना॒ अप॒ द्वेषां॑स्यमु॒या भ॑वन्तु

takmanāśanam| 1-14 bhṛgvaṅgirāḥ| takmanāśanaḥ| anuṣṭup, 1 bhurik triṣṭup, 2 triṣṭup, 5 virāṭ, pathyābṛhatī| agnistakmānamapa bādhatāmitaḥ somo grāvā varuṇaḥ pūtadakṣāḥ | vedirbarhiḥ samidhaḥ śośucānā apa dveṣāṃsyamuyā bhavantu

हिन्दी अर्थ

मे सहचारी रोगों को सखा कहा है । मन्त्र १२ मे इन्दं भाई, स्वसाओौर (यजुः० १।१७) । मन्त्र मेँ भ्ातुन्यके वध का निदेश हुआ हे, पापया पापौ भावना प्रतीत नहीं होती । जायदाद की बाट के सम्बन्ध मे भादयोमेंतो

English

A hymn to the War-drum to secure victory Formed out of wood, compact with straps of leather, loud is the: War-drum as he plays the hero.

अध्याय 5

श्लोक 22.2

अ॒यं यो विश्वा॒न् हरि॑तान् कृ॒णोष्यु॑च्छो॒चय॑न्न॒ग्निरि॑वाभिदु॒न्वन्।अधा॒ हि त॑क्मन्नर॒सो हि भू॒या अधा॒ न्यऽङ्ङध॒राङ् वा॒ परे॑हि

ayaṃ yo viśvān haritān kṛṇoṣyucchocayannagnirivābhidunvan| adhā hi takmannaraso hi bhūyā adhā nya'ṅṅadharāṅ vā parehi

हिन्दी अर्थ

सूयं ओर पाथिव अग्नि (मे) मेरे कुमार के लिए, मन्व २ (ओतौ) उन मे भोत-परोत है, (इति) इस निमित्त कि (क्रिमिम्) वरमार वगं के क्रिमि- समूह" का वे (जम्भयताम्) हनन करे, विनाश करं ।

English

Thou, first of all, O Drum, thy voice shalt utter: over the ridge of earth speak forth exultant. Crunching with might the army of the foemen, declare thy message pleasantly and clearly. Loud be thy roar between the earth and heaven. Swift let thy sounds go forth in all directions.

अध्याय 5

श्लोक 22.3

यः प॑रु॒षः पा॑रुषे॒योऽवध्वं॒स इ॑वारु॒णः ।त॒क्मानं॑ विश्वधावीर्याध॒राञ्चं॒ परा॑ सुवा

yaḥ paruṣaḥ pāruṣeyo'vadhvaṃsa ivāruṇaḥ | takmānaṃ viśvadhāvīryādharāñcaṃ parā suvā

हिन्दी अर्थ

चिकित्सा प्रारम्भ हो जाती है । :। । चिकित्सालय होते है वैसे कुमार चिकित्सालय भी होने ही चाहिए । इन्दं . कुमारभृत्य चिकित्सालय" भी कह सकते हँ जिनमें कि कुमारो का भरण- ।,॥ १. क्रिमि कृन् हिसायाम् (करूयादिः) , हिल कीट ।

English

Neigh at them, thunder, set in opposition, song-maker, good ally that friends may conquer. He shall send forth his voice whom art hath fashioned. Make thou the weapons of our

अध्याय 5

श्लोक 22.4

अ॒ध॒राञ्चं॒ प्र हि॑णोमि॒ नमः॑ कृ॒त्वा त॒क्मने॑ ।श॒क॒म्भ॒रस्य॑ मुष्टि॒हा पुन॑रेतु महावृ॒षान्

adharāñcaṃ pra hiṇomi namaḥ kṛtvā takmane | śakambharasya muṣṭihā punaretu mahāvṛṣān

हिन्दी अर्थ

है (कृष्णाः, शितिबाहवः) काले परन्तु वेत बाहुओंवाले, (ये, के, च) मौर यो अक्ष्यो परिसपैति यो नासे परिसर्पति । (यः) जो (अक्ष्यौ ) आंखो म (परिसर्पति) परिसपंण करता है, (यः) जो (नासे) नथनों मे (परिसर्पति) परिसर्पण करता है, (यः ) जो (दताम्,

English

warriors bristle. With Indra for ally call out our heroes, and with thy friends scatter and chase the foemen

अध्याय 5

श्लोक 22.5

ओको॑ अस्य॒ मूज॑वन्त॒ ओको॑ अस्य महावृ॒षाः ।याव॑ज्जा॒तस्त॑क्मं॒स्तावा॑नसि॒ बल्हि॑केषु न्योच॒रः

oko asya mūjavanta oko asya mahāvṛṣāḥ | yāvajjātastakmaṃstāvānasi balhikeṣu nyocaraḥ

हिन्दी अर्थ

क्रिमि को (जम्भयामसि) हम नष्ट करतेहँ। . आंखों मे लालिमा, सूजन, पीड़ा होना--यह् क्रिमि अर्थात् शल रोग-जीव-कीटाणु द्वारा होता है। नथनों में बार-बार जुकार्म होना भी अन्य प्रकारके रोग जीव-कोटाणुद्वारा होता है। दातं की जड़ का खोला ओर काला पड़ जाना अर उसमें पीडा होना अन्य जीव-कीटाणु द्वारा होता है । ये त्रिविध क्रिमि ह जीव-कीटाणु, जोकि आंखों द्वारा दृष्टिगोचर नहीं रूपोंवाले दो, (कृष्णौ! दौ) काले दो, (रोहितौ द्वौ) लाल दो, (बभ्रुः च, ्रौ' द्वारा "जोडा रूपाकृति, क्रिमियों का वणेन किर्या है, जोकि

English

Resonant, roaring, with thy powerful weapons, warning, and heard by troops in many places, Knowing all rules and winning us advantage, deal fame to many where two kings are

अध्याय 5

श्लोक 22.6

तक्म॒न् व्याऽल॒ वि ग॑द॒ व्यऽङ्ग॒ भूरि॑ यावय ।दा॒सीं नि॒ष्टक्व॑रीमिछ॒ तां वज्रे॑ण॒ सम॑र्पय

takman vyā'la vi gada vya'ṅga bhūri yāvaya | dāsīṃ niṣṭakvarīmicha tāṃ vajreṇa samarpaya

हिन्दी अर्थ

मांस ओर रुधिर चाहनेवाला क्रिमि, न कि गीधपक्षी । कोकः नकुकं वृकं को (जम्भयामसि) हम नष्ट करते ह । ये जीवाण् क्रिमि-हिसक है, अतः इनके नाश का कथन हुआ है । ये क्रिमि जीवाणुरूप रहै, जिनका कि रूगणकुमार के साथ सम्बन्धहै, यह

English

fighting. Bent on advantage, mightier, gaining treasures, victor in war, the spell hath made thee keener. As, in the press, the stone to stalks of Soma, thus, Drum! go dancing to our foes’ possessions.

अध्याय 5

श्लोक 22.7

तक्म॒न् मूज॑वतो गच्छ॒ बल्हि॑कान् वा परस्त॒राम्।शू॒द्रामि॑च्छ प्रफ॒र्व्यं॑१ तां त॑क्म॒न् वीऽव धूनुहि

takman mūjavato gaccha balhikān vā parastarām| śūdrāmiccha prapharvyaṃ1 tāṃ takman vī'va dhūnuhi

हिन्दी अर्थ

वृदिचक आदि हिल क्रिमियों का विनाश दृष्टिगोचर नहीं हे, अतः मन्त्र प्रतीत होता है जिनका कि हनन उदीयमान सूर्यं की रदिमियो द्वारा होना (जथर्वं ० २।३२।१), अर्थात् उदित होता हुमा सूयं क्रिमियो का हनन करे तथा अस्त होता हुमा रदिमयों द्वारा हनन करे। यहां रदिमियों द्वारा क्रिमियों का हनन कहा है, वह भी उदीयमान तथा अस्तंगम्यमान सूर्यकी

English

Foe-conqueror, victor, vanquishing opponents, seeker of booty, mastering, destroying. Speak out as a skilled speaker tells his counsel, speak strength to us that we may win the

अध्याय 5

श्लोक 22.8

म॒हा॒वृ॒षान् मूज॑वतो॒ बन्ध्व॑द्धि प॒रेत्य॑ ।प्रैतानि॑ त॒क्मने॑ ब्रूमो अन्यक्षे॒त्राणि॒ वा इ॒मा

mahāvṛṣān mūjavato bandhvaddhi paretya | praitāni takmane brūmo anyakṣetrāṇi vā imā

हिन्दी अर्थ

कालों में सूर्यं रदिमयां लाल होती है, ये क्रिमि-हुनन में अत्युपयोगी है । इन रक्त ररिमियों द्वारा कीटाणुओों अर्थात् जीव-कोटाणुओं कातो विनाश ॥ सम्भव है, स्प-वृरिचक आदि का ओौर कीडों-मकोडों आदि का नहीं तथा येवांपासः क्क॑षास एजत्काः शिपवित्तुकाः । ध (ये क्रिमयः) जो क्रिमि ह (शितिकक्षाः) श्वेत कोखोंवाले, (ये) जो

English

battle. Shaker of things unshaken, readiest corner to battles; conquer- ing foes, resistless leader, Guarded by Indra, watching our assemblies, go quickly, breaker of their hearts who hate us.

अध्याय 5

श्लोक 22.9

अ॒न्य॒क्षे॒त्रे न र॑मसे व॒शी सन्मृ॑डयासि नः ।अभू॑दु॒ प्रार्थ॑स्त॒क्मा स ग॑मिष्यति॒ बल्हि॑कान्

anyakṣetre na ramase vaśī sanmṛḍayāsi naḥ | abhūdu prārthastakmā sa gamiṣyati balhikān

हिन्दी अर्थ

१. कृष्णौ द्री = सम्भवतः नादियों के काले खून को पीनेवाले नर-मादा रूप दो कौटाणु । रोहितौ द्वौ =: सम्भवतः नादियों के लाल खून को पीनेवाले नर-मादा खूप दो कीटाणु । नर-मादा रूप म दो-दो ये द्विविध कीटाणु, रक्त को शौषित कर, रक्ता- ल्पता नामक (अनीमिया) रौगकोपेदाकरदेतेरहै) ये दो-दो क्रिमि नर-मादारूप २८० अथर्ववेदमाष्य काण्ड ५। अनु° ५। सुक्तं २३ अर्थात् सूयं फी मही दृषत्! है, रदिमसमूह । अकरम् = “मने हसित कर दिया है"",--यदह कथन किसी मनुष्य द्वारा हुमा है, वह् सूयं कौ रदिमसमूह पदों मे 'षासः' पद समान दहै । षस स्वप्ने (अदादिः); तथा येवा" ==यु

English

A hymn to the War-drum and various deities for victory Speak to our enemies, O Drum, discouragement and wild dismay.

अध्याय 5

श्लोक 22.10

यत् त्वं शी॒तोऽथो॑ रू॒रः स॒ह का॒सावे॑पयः ।भी॒मास्ते॑ तक्मन् हे॒तय॒स्ताभिः॑ स्म॒ परि॑ वृङ्ग्धि नः

yat tvaṃ śīto'tho rūraḥ saha kāsāvepayaḥ | bhīmāste takman hetayastābhiḥ sma pari vṛṅgdhi naḥ

हिन्दी अर्थ

भी सम्भव है, जैसे किं कौरवो ओर पाण्डवो में हृजा ओर इस कारण इन २७६ भयवेवेदभाष्य काण्ड ५।अनु० ५1 सुक्त॒ २३ (तृतीयकम्) तीसरे दिन के, (वितृतीयम्) तीसरे दिन से विभिन्न दिनों के, (सदन्दिम्) सदा क्षीणकारी या अवखण्डितकारी, (उत) तथा । ज्वर को (नाशय) नष्ट कर है परमेश्वर ।

English

Whetting thy voice and vanquishing opponents, roar at them like a lion fain to conquer! The fastened frame hath roared as ‘twere a lion, like a bull bel- lowing to meet the heifer.

अध्याय 5

श्लोक 22.11

मा स्मै॒तान्त्सखी॑न् कुरुथा ब॒लासं॑ का॒समु॑द्यु॒गम्।मास्मातो॒ऽर्वाङैः पुन॒स्तत् त्वा॑ तक्म॒न्नुप॑ ब्रुवे

mā smaitāntsakhīn kuruthā balāsaṃ kāsamudyugam| māsmāto'rvāṅaiḥ punastat tvā takmannupa bruve

हिन्दी अर्थ

कौण्डै ५।अनु० ५। सूक्ते २३ अथवेवेदभाष्यं २७७ पर, पेट-क्रिमि तथा रोग-कीटाणु (शल) आक्रमण करते है, क्योंकि उनका खाना-पीना भौर रहन-सहन प्राकृतिक नियमों के अनुकूल नहीं

English

Thou art a bull, thine enemies are weaklings: thine is the foe- subduing strength of Indra. Like a bull marked by strength among the cattle, roar seeking kine and gathering up the booty.

अध्याय 5

श्लोक 22.12

तक्म॒न् भ्रात्रा॑ ब॒लासे॑न॒ स्वस्रा॒ कासि॑कया स॒ह।पा॒प्मा भ्रातृ॑व्येण स॒ह गछा॒मुमर॑णं॒ जन॑म्

takman bhrātrā balāsena svasrā kāsikayā saha| pāpmā bhrātṛvyeṇa saha gachāmumaraṇaṃ janam

हिन्दी अर्थ

का कथन हृजा है । जंसेकरि पट के निर्माण मेँ तन्तुमों में पारस्परिक अनु- कृलता होती है वसी अनुकूलता संसार में प्राकृतिक तत्त्वो मँ दर्शायी है । ॥ कूमारवगं के जीवनो मे भौ प्राकृतिक नियमों के अनुरूप निज जीवनचर्या सुक्त मेँ क्रिमिविनाशका व्णनहै। कुमारो के पेटमे तथा शरीर कु मारव के (क्रिमीन्) क्रिमियों का (जहि) हनन कर । (विर्वा: अरातयः)

English

Pierce through our adversaries’ heart with sorrow, and let our routed foes desert their hamlets.

अध्याय 5

श्लोक 22.13

तृती॑यकं वितृती॒यं स॑द॒न्दिमु॒त शा॑र॒दम्।त॒क्मानं॑ शी॒तं रू॒रं ग्रैष्मं॑ नाशय॒ वार्षि॑कम्

tṛtīyakaṃ vitṛtīyaṃ sadandimuta śāradam| takmānaṃ śītaṃ rūraṃ graiṣmaṃ nāśaya vārṣikam

हिन्दी अर्थ

कर कुमारो के क्रिमियों का हनन नहीं करना, उसकी केवल स्वीकृति होनी १ शाली वचनो के कारण मानों क्रिमि हत हो गये। धनकीतो कमी नहीं । सरकारी कुमार चिक्रत्सालयो' की स्थापनाएं हो जाती रह, ओर क्रिमि- प्रदेशों मे भी मलेरिया होता है । मगेम्यः= मगध परिवेष्टने (कण्डवादिः) ।

English

Victorious in the battle, loudly roaring, seizing what may be seized, look all around thee. Utter, O Drum, thy heavenly voice with triumph. Bring, as a priest, our enemies’ possessions. Hearing the Drum’s far-reaching voice resounding, let the foe’s dame, waked by the roar,

अध्याय 5

श्लोक 22.14

ग॒न्धारि॑भ्यो॒ मूज॑व॒द्भ्योऽङ्गे॑भ्यो म॒गधे॑भ्यः ।प्रै॒ष्यन् जन॑मिव शेव॒धिं त॒क्मानं॒ परि॑ दद्मसि

gandhāribhyo mūjavadbhyo'ṅgebhyo magadhebhyaḥ | praiṣyan janamiva śevadhiṃ takmānaṃ pari dadmasi

हिन्दी अर्थ

ओतं मे द्यावापृथिवी ओता देवी सर॑स्वती । (मे) मेरे कुमार के लिए, मन्त्र १ (चयावापुथिवी) युलोक ओर पथिवी (ओते) परस्पर ओत-प्रोत है, (देवी सरस्वती) दिव्या, उदकवती मेषीय वैत गजना (ओता) उनमें ओत-प्रोत है । (इन्द्रः च, अग्निः च)

English

afflicted, Grasping her son, run forward in her terror amid the conflict of the deadly weapons.

अध्याय 5

श्लोक 23.1

क्रिमिघ्नम्।१-१३ कण्वः।इन्द्रः।अनुष्टुप्, १३ विराट्।ओते॑ मे॒ द्यावा॑पृथि॒वी ओता॑ दे॒वी सर॑स्वती ।ओतौ॑ म॒ इन्द्र॑श्चा॒ग्निश्च॒ क्रिमिं॑ जम्भयता॒मिति॑

krimighnam| 1-13 kaṇvaḥ| indraḥ| anuṣṭup, 13 virāṭ| ote me dyāvāpṛthivī otā devī sarasvatī | otau ma indraścāgniśca krimiṃ jambhayatāmiti

हिन्दी अर्थ

जुगप्सायाम् (चुरादिः); कष्क-=कष हिसा्थैः (भ्वादिः), अतः दो पदों के को कंस या मणि" द्वारा केन्द्रित कर क्रिमियों की हिसा करता है। कस या मणि (निरुक्त ७।६।२३), वैड्वानर प्रकरण । मष्मषा अथवा “मष्मष् + तृतीयैकवचन', हिसित करनेव्राले रदिमसमूह रूपी "दृषदा । नदनिमा = कानों मे नाद अर्थात् गंज पेदा कर देनेवाला क्रिमि । यह स्वानु-

English

We bring upon our foemen fear and discord and discomfiture. Drum! drive these enemies away. When sacrificial butter hath been offered, let our foemen flee.

अध्याय 5

श्लोक 23.2

अ॒स्येन्द्र॑ कुमा॒रस्य॒ क्रिमी॑न् धनपते जहि ।ह॒ता विश्वा॒ अरा॑तय उ॒ग्रेण॒ वच॑सा॒ मम॑

asyendra kumārasya krimīn dhanapate jahi | hatā viśvā arātaya ugreṇa vacasā mama

हिन्दी अर्थ

१. सृष्टि काल मे परमेइवर आदित्य के सजन हारा क्रिमियों का नादा करता है, अतः परमेश्वर क्रिमयो का महानाहक है (मन्त्र ८) । वैदिक वैद्य भी इन्हें पीसतादहै। वनरूप मे करनेवाला सू । सूर्यं के ताप ओर प्रकाश हारा तथा तत्त (हतः) मार दिया है (क्रिमीणाम्, राजा) क्रिमियों का राजा, (उत) तथा (एषाम्) इनका (स्थपतिः) स्थानिकपति (हृतः) मार दिया है। (क्रिमिः हतः) क्रिमि मार दिया है, (हतमाता ) इसकी मातामारदीरहै, (हतध्राता) इसका भाई मार दिया है, (हतस्वसा) इसको बहिन मार

English

Even so do thou, O Drum, roar out against our foes to frighten them, and then bewilder thou their thoughts.

अध्याय 5

श्लोक 23.3

यो अ॒क्ष्यौऽपरि॒सर्प॑ति॒ यो नासे॑ परि॒सर्प॑ति ।द॒तां यो मध्यं॒ गच्छ॑ति॒ तं क्रिमिं॑ जम्भयामसि

yo akṣyau'parisarpati yo nāse parisarpati | datāṃ yo madhyaṃ gacchati taṃ krimiṃ jambhayāmasi

हिन्दी अर्थ

से ही सन्तानं पैदा होती दह । मातामार दी गई तो सन्तानो का भी अभाव हो गया । क्रिमियों के पिताका वणन राजा ओर स्थपति द्वारा हुआ है, है कासिका, ध्रातुव्य है पाप्मा (अथवे० ५।२२।१३ ) । ष २२मेंतक्मा (अस्य) इस राजारूप क्रिमि के (वेशसः) समीप बैठनेवाले क्रिमि

English

May all the deities whose might controls the fortune of the fray Frighten away our enemies with Drum and skin of antelope. Let those our enemies who go yonder in their battalions shake.

अध्याय 5

श्लोक 23.4

सरू॑पौ॒ द्वौ विरू॑पौ॒ द्वौ कृ॒ष्णौ द्वौ रोहि॑तौ॒ द्वौ।ब॒भ्रुश्च॑ ब॒भ्रुक॑र्णश्च॒ गृध्रः॒ कोक॑श्च॒ ते ह॒ताः

sarūpau dvau virūpau dvau kṛṣṇau dvau rohitau dvau| babhruśca babhrukarṇaśca gṛdhraḥ kokaśca te hatāḥ

हिन्दी अर्थ

रत मभवेवेदमाष्य काण्ड ५। अनु० ५। सूक्त २४ (हतासः) मर गये हैँ मौर (परिवेशसः) इसे पेरकर दूर वैर्नेवाले भी (हताः, मर गये हँ । (अथो) तथा (ये) जो (क्षूल्लकाः इव) क्षुद्र के सदुश ओीर परिवेशसः हैँ सभा के सभासद् तथा क्षुल्लकाः है नौकर-चाकर, जोकि घटना के द्वारा शासन-तत्त्वों का भी कथन हुमा है ।

English

In fear at shadows and the sounds of feet which Indra sporteth with. To all the quarters of the sky let clang of bowstrings and our

अध्याय 5

श्लोक 23.5

ये क्रिम॑यः शिति॒कक्षा॒ ये कृ॒ष्णाः शि॑ति॒बाह॑वः ।ये के च॑ वि॒श्वरू॑पा॒स्तान् क्रिमी॑न् जम्भयामसि

ye krimayaḥ śitikakṣā ye kṛṣṇāḥ śitibāhavaḥ | ye ke ca viśvarūpāstān krimīn jambhayāmasi

हिन्दी अर्थ

साम्, क्रिमीणाम् ) सव मादा क्रिमियों के (शिरः) सिरो को (अमना) मखो को (अग्निना) अग्नि द्वारा (दहामि) म दग्ध करता हूं । ये क्रिमि कणसदृश सुक्म हँ (मन्त्र १०) इनके सिर तथा मुख भी

English

Drums. Cry out to hosts of foes that go discomfited in serried ranks. Āditya, take their sight away! Follow them close, ye motes of light.

अध्याय 5

श्लोक 23.6

उत् पु॒रस्ता॒त् सूर्य॑ एति वि॒श्वदृ॑ष्टो अदृष्ट॒हा।दृ॒ष्टांश्च॒ घ्नन्न॒दॄष्टां॑श्च॒ सर्वां॑श्च प्रमृ॒णन् क्रिमी॑न्

ut purastāt sūrya eti viśvadṛṣṭo adṛṣṭahā| dṛṣṭāṃśca ghnannadṝṣṭāṃśca sarvāṃśca pramṛṇan krimīn

हिन्दी अर्थ

(सविता प्रसवानाम् ) सविता प्रेरणाभों का (अधिपतिः) अधिपति काष्ठ ५। धनु० ५। सूक्त २४ अभर्बवेदभाष्य २८१५ कथन हुआ है । स्वाहा =सु + आह् । है, (सः) वह (मा) मेरी (अवतु) रक्षा करे। (अस्मिन्), दिः भथ

English

Let them cleave fast to foot-bound hosts when strength of arm hath past away. Do ye, O mighty Maruts, sons of Prisni, crush down, with

अध्याय 5

श्लोक 23.7

येवा॑षासः॒ कष्क॑षास एज॒त्काः शि॑पवित्नु॒काः ।दृ॒ष्टांश्च॑ ह॒न्यतां॑ क्रिमि॑रु॒तादृष्ट॑श्च हन्यताम्

yevāṣāsaḥ kaṣkaṣāsa ejatkāḥ śipavitnukāḥ | dṛṣṭāṃśca hanyatāṃ krimirutādṛṣṭaśca hanyatām

हिन्दी अर्थ

(द्यावापृथिवी) यौः तथा पृथिवी (दातणाम्) दाताभों की न पत्नी) स्वामिनी है, (ते) वे दोनों (मा) मेरी (अवताम्) रक्षा कर। । 6 को व दयौः तथा पृथिवी से प्राप्तहो रही है। यह् दोनों महादानी हैँ । (जस्मिन्" आदि अथं पूववत्) । वरुण जलो का अधिपति है, वह मेरी रक्षा करे । (भस्मिन्' आदि

English

Indra for ally, our foemen. King Soma. Varuna, great God and sovran, Indra too, aye, Death,—

अध्याय 5

श्लोक 23.8

ह॒तो येवा॑षः॒ क्रिमी॑णां ह॒तो न॑दनि॒मोत।सर्वा॒न् नि म॑ष्म॒षाक॑रं दृ॒षदा॒ खल्वाँ॑ इव

hato yevāṣaḥ krimīṇāṃ hato nadanimota| sarvān ni maṣmaṣākaraṃ dṛṣadā khalvā~ iva

हिन्दी अर्थ

२८६ जधर्ववेदभाष्य काण्ड ५। घनु० ५। सूक्त २४ (निघं० १।१०) । तथा मरुतः न-मारने मेँ कुशल सेनिक (यजुः० १७।४०), वे पवेतीय युद्धो के मधिपति हैँ । सोम ओषध विरोहणशील लता-वनस्पतियों का अधिपतिरहै, वह मेरी रक्षा करे । (अस्मिन्' आदि अथं पूववत्) । सूयं चक्षुओं का अधिपति है, वह मेरी रक्षा करे । (अस्मिन्! आदि

English

May these embattled Gods, brilliant as Sūrya—All hail!—one- minded conquer those who hate us.

अध्याय 5

श्लोक 23.9

त्रि॒शी॒र्षाणं॑ त्रिक॒कुदं॒ क्रिमिं॑ सा॒रङ्ग॒मर्जु॑नम्।शृ॒णाम्य॑स्य पृ॒ष्टीरपि॑ वृश्चामि॒ यच्छिरः॑

triśīrṣāṇaṃ trikakudaṃ krimiṃ sāraṅgamarjunam| śṛṇāmyasya pṛṣṭīrapi vṛścāmi yacchiraḥ

हिन्दी अर्थ

मेरी रक्षा करे । (अस्मिन्" भादि अथं पूववत्) । मरणशील-प्राणियों का पिता परमेश्वर पशुओं" का अधिपति है पशव-ः-- गावः, अवाः, पुरुषाः, अजावयः (अथव ० ११।२।६) । मरत् = भ्रियते मारयति वा स मरुत्, मनुष्यजातिः, पवनो वा (उणा० १।६४)

English

A charm against fever 65 Hence, filled with holy strength let Agni, Soma, and Varuna, the Press-stone, and the Altar.

अध्याय 5

श्लोक 23.10

अ॒त्रि॒वद् वः॑ क्रिमयो हन्मि कण्व॒वज्ज॑मदग्नि॒वत्।अ॒गस्त्य॑स्य॒ ब्रह्म॑णा॒ सं पि॑नष्म्य॒हं क्रिमी॑न्

atrivad vaḥ krimayo hanmi kaṇvavajjamadagnivat| agastyasya brahmaṇā saṃ pinaṣmyahaṃ krimīn

हिन्दी अर्थ

जिन्होने अभी रोगरूप में निज प्रभाव नहीं दर्शाया । मै हिसा करत। हं, (अस्य) इसकी (पृष्टीः अपि) पसलियों को भी, (यत् शिरः) ओरजोसिर टै उसे भी (वृश्चामि) र्मे काटताहूं। ज्वर-रोगोत्पादक क्रिमि का वणेन पुरुषरूप या पशृरूप रमँ हभ प्रायः, कविता शैली मे, होता है (देवें निरुक्त अ० ७।२ पा०। खण्ड ६, ¶ ७) । इस दृष्टि से तक्माके तीन सिर, तीन ककुद्, वणे, पृष्टीः, शिरः

English

Through consternation, terrified, trembling in mind and eye and heart. Wrought out of wood, compact with straps of leather, dear to all the clan,

अध्याय 5

श्लोक 23.11

ह॒तो राजा॒ क्रिमी॑णामु॒तैषां॑ स्थ॒पति॑र्ह॒तः ।ह॒तो ह॒तमा॑ता॒ क्रिमि॑र्ह॒तभ्रा॑ता ह॒तस्व॑सा

hato rājā krimīṇāmutaiṣāṃ sthapatirhataḥ | hato hatamātā krimirhatabhrātā hatasvasā

हिन्दी अर्थ

का दार्यां गोलाधं मौर बार्यां गोलाधे तथा इनके पिछली ओर लगा छोटा सिर । एन तीनों को “¶५० प्लपशाल तथा व्नलण्नाण”” कहते है । दिये जाएं । एजत्का: भौर शिपविल्नुकाः में क' या कर' स्वाथंमेहै।ये (हतः) मार दिया है, (उत) तथा (नदनिमा) नाद करनेवाला अर्थात्

English

Bedewed with sacrificial oil, speak terror to our enemies. As the wild creatures of the wood flee in their terror from a man, Even so do thou, O Drum, roar out against our foes to frighten them, and then bewilder thou

अध्याय 5

श्लोक 23.12

ह॒तासो॑ अस्य वे॒शसो॑ ह॒तासः॒ परि॑वेशसः ।अथो॒ ये क्षु॑ल्ल॒का इ॑व॒ सर्वे॒ ते क्रिम॑यो ह॒ताः

hatāso asya veśaso hatāsaḥ pariveśasaḥ | atho ye kṣullakā iva sarve te krimayo hatāḥ

हिन्दी अर्थ

. है । ज्वर (तक्मा) है अचेतन, तो भी अचेतन का वणेन चेतनवत्, वेदो मे ५।४।२७; पदसंख्या ७६) । अर्थात् काकुद है तालु गौर जिह्वा है कोकुवा, व को( मष्मपा, नि + अकरम् मैने नितरां हिसित कर क है, (इव) । र १. वर्णं के पाच व॑ र्है--कवगं, चवं, टवं, तवगं, पवर्ग । कवगं का उच्चारणं होतार कण्ठसे भौर पवगं का उच्चारण होता है दो-गोष्ठोंसे। चवगं, टवं २८२ अथववंवेदभाष्य काण्ड ५। अनु० ५। सुक्छ २३

English

their thoughts. As, when the wolf approaches, goats and sheep run sorely terrified,

अध्याय 5

श्लोक 23.13

सर्वे॑षां च॒ क्रिमी॑णां॒ सर्वा॑सां च क्रि॒मीना॑म्।भि॒नद्म्यश्म॑ना॒ शिरो॒ दहा॑म्य॒ग्निना॒ मुख॑म्

sarveṣāṃ ca krimīṇāṃ sarvāsāṃ ca krimīnām| bhinadmyaśmanā śiro dahāmyagninā mukham

हिन्दी अर्थ

२०।९२।९) । अर्थात् है वरुण ! तू उत्तम देव है, जिसके कि सात सिन करता है, भक्षण करता है। इसलिए इसे अत्ता ओर अन्नाद भी कहते ह । प्रलयकाल मेँ जगत् इसके लिए अन्नरूप हौ जाता है, जिससे परमे्वर हो जाते दँ । इस अत्रिने (दिवम्) द्युलोक को या चुतिमान् सूयं को (उन्निनाय) ऊध्वं दिशा में स्थापित किया है (अथवं० १३।२।४) । मानुष- शक्ति ऊध्वेदिशा मे चयुलोकं या सूयं को स्थापित नहीं कर सकती । अत्रि, तक्मा आदि रोगों तथा तदुत्पादकक्रिमियों को भी पीस डालता है, निवा- रित करता है। इसलिए वह॒ भेषज! भी है (यज्:० ३।५९) । वेदिक वेद्य

English

Even so do thou, O Drum, roar out against our foes to frighten them, and then bewilder thou their thoughts. As birds of air, day after day, fly in wild terror from the hawk, as from a roaring lion’s voice,

स्रोत: bhavykhatri/DharmicData · प्राप्त 3/6/2026

शास्त्रीय प्रामाणिकता एवं पारदर्शकताSources & Interpretation

स्रोत, संस्करण एवं व्याख्या वर्गीकरण

धर्म ग्रंथ पर मूल शास्त्र, पारंपरिक भाष्य और आधुनिक व्याख्या को पूर्णतः पृथक रखा जाता है ताकि पाठक को किसी भी व्याख्या के शास्त्र होने का भ्रम न हो।

सामग्री वर्गीकरण संकेत (Epistemic Content Labels)

6 स्तरिय प्रमाण व्यवस्था
मूल पाठOriginal text

अपौरुषेय / प्रामाणिक शास्त्र (Primary Canonical Scripture)

मूल संस्कृत, प्राकृत अथवा अवधी श्लोक/मंत्र। यह सर्वोच्च प्रमाण (प्रस्थान) है। इस पाठ में किसी भी आधुनिक व्याख्याकार का हस्तक्षेप नहीं है।

शाब्दिक अनुवादLiteral translation

पदार्थ व अन्वय (Direct Grammatical & Word-for-Word Meaning)

व्याकरणसम्मत प्रत्यक्ष शब्दार्थ (अन्वय)। बिना किसी दार्शनिक संप्रदाय के पूर्वाग्रह के, संस्कृत शब्दों का सटीक भाषांतर।

पारंपरिक भाष्यTraditional commentary

आचार्य परंपरा व टीका (Classical Lineage Commentary)

प्राचीन आचार्य परंपरा (यथा शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, मध्वाचार्य, श्रीधर स्वामी) द्वारा विरचित शास्त्रीय भाष्य व टीकाएं।

सरल व्याख्याSimple explanation

भावार्थ व सुबोध प्रबोधन (Accessible Pedagogical Exposition)

आधुनिक जिज्ञासुओं के लिए सरल भाषा में भावार्थ। यह मूल मंत्र नहीं, बल्कि पाठ को सुगम बनाने हेतु संपादकीय व्याख्या है।

आधुनिक चिंतनModern reflection

समसामयिक विमर्श व अनुप्रयोग (Contemporary Application & Analysis)

दार्शनिक, मनोवैज्ञानिक व वैज्ञानिक समरूपताओं पर आधुनिक चिंतन। यह मूल शास्त्र का अंग नहीं है और इसे शास्त्रोक्त सिद्धांत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

शोध टिप्पणीResearch note

पांडुलिपि एवं ऐतिहासिक शोध (Critical Apparatus & Manuscript Research)

पांडुलिपि विविधताएं, पाठ-भेद (variant readings), छंद रचना, और ऐतिहासिक व तुलनात्मक भाषावैज्ञानिक शोध। यह शास्त्र का मूल संदेश बदलने हेतु नहीं, बल्कि पाठ की प्रामाणिकता परखने के लिए है।