Atharva Veda
11
अध्याय 11 / 20

Kanda 11

काण्ड 11

420 श्लोकभाग 7/7 · श्लोक 9.1–10.27

पूर्ण अध्याय पाठ53 श्लोक

अध्याय 11

श्लोक 9.1

शत्रुनिवारणम् ।१-२६ काङ्कायनः।अर्बुदिः।अनुष्टुप्, १ सप्तपदा विराट् शक्वरी त्र्यवसाना, ३ परोष्णिक्, ४ त्र्यवसाना उष्णिग्बृहतीगर्भा परा त्रिष्टुप् षट् पदातिजगती, ९, ११, १४, २३, २६ पथ्यापङ्क्तिः, १५, २२, २४-२५ त्र्यवसाना सप्तपदा शक्वरी, १६ त्र्यवसाना पञ्चपदा विराडुपरिष्टाज्ज्योतिस्त्रिष्टुप्, १७ त्रिपदा गायत्री।ये बा॒हवो॒ या इष॑वो॒ धन्व॑नां वी॒र्याऽणि च ।अ॒सीन् प॑र॒शूनायु॑धं चित्ताकू॒तं च॒ यद्धृ॒दि ।सर्वं॒ तद॑र्बुदे॒ त्वम॒मित्रे॑भ्यो दृ॒शे कु॑रूदा॒रांश्च॒ प्र द॑र्शय

śatrunivāraṇam | 1-26 kāṅkāyanaḥ| arbudiḥ| anuṣṭup, 1 saptapadā virāṭ śakvarī tryavasānā, 3 paroṣṇik, 4 tryavasānā uṣṇigbṛhatīgarbhā parā triṣṭup ṣaṭ padātijagatī, 9, 11, 14, 23, 26 pathyāpaṅktiḥ, 15, 22, 24-25 tryavasānā saptapadā śakvarī, 16 tryavasānā pañcapadā virāḍupariṣṭājjyotistriṣṭup, 17 tripadā gāyatrī| ye bāhavo yā iṣavo dhanvanāṃ vīryā'ṇi ca | asīn paraśūnāyudhaṃ cittākūtaṃ ca yaddhṛdi | sarvaṃ tadarbude tvamamitrebhyo dṛśe kurūdārāṃśca pra darśaya

हिन्दी अर्थ

उदारभावों को भी (प्रदय) प्रद्ित कर । समूहे । रेरिहतीम् =रिहति भर्च॑तिकर्मा (निघं० ३।१४) । रिचाम् = रिश. हमारा श्रपनों के तथां परा्योँ के साथ टेकमत्य तथा समकौता हो । तथा .. विनाश कर सकता है । इसलिये हमे युद्ध से उपरत हो जाना त्राहिये ।

English

fog.

अध्याय 11

श्लोक 9.2

उत् ति॑ष्ठत॒ सं न॑ह्यध्वं॒ मित्रा॒ देव॑जना यू॒यम्।संदृ॑ष्टा गु॒प्ता वः॑ सन्तु॒ या नो॑ मि॒त्राण्य॑र्बुदे

ut tiṣṭhata saṃ nahyadhvaṃ mitrā devajanā yūyam| saṃdṛṣṭā guptā vaḥ santu yā no mitrāṇyarbude

हिन्दी अर्थ

हजार-हजार शतरुभ्रो को. एक-एक उद्योग मे मारने के लिये अधिक. तरिषन्ि कहा है । तिषन्वि की व्याख्या (१९।१०।२) में विष कीं गई है । मानी वाः (सायण ) इस लेल से प्रतीत होता है.कि सायणाचौयं मी त्िषन्वि को चेतन तत्त्व मानता है, केवल जंड़ वचं वदी ।. २०६. भ्रथववेद-भाष्य कां ११। ० ९

English

sphere, apart. Rise up, with all your banners rise; prepare your strength, ye vapoury Forms!

अध्याय 11

श्लोक 9.3

उत् ति॑ष्ठत॒मा र॑भेतामादानसंदा॒नाभ्या॑म्।अ॒मित्रा॑णां॒ सेना॑ अ॒भि ध॑त्तमर्बुदे

ut tiṣṭhatamā rabhetāmādānasaṃdānābhyām| amitrāṇāṃ senā abhi dhattamarbude

हिन्दी अर्थ

विचारणीय है । भ्रथवा वतमान काल मे हम देखते ह॑ कि अमरीका श्रौर एशिया द्वारा एेसे १९०५४०७ तथा णभ"71९8 भ्राकश्च मे छोड गए जो कि सूयं को भी षार कर भ्रागे-भरागे बढते जा रहै । यद्यपि इन मे मनुष्य नरही"¶तो भी कभी एेसा समय मरा सकता है जब कि इन १२००८४७ में मनुष्यों को भी इतनी दूरी तक भेजा जा सके चान्द तक्र तो इर वायुयानों मे तक की. चर्चा भी हई है । सहूषि दयानन्द की दृष्टि में जब इन लोक लोक- न्तरो मे भी मानुष-सुष्टि है तो इनं मे रहने वाले दुणमि-प्रजा के सांथ युद्ध कीः सस्भावना.भी किसी समय वास्तविक हो संकतो है वेद तो वर्तमान, "भूत.तथा भविष्यत् की घटनाभ्रो का मी वणन करते है । .

English

Tribute is sacrificed to thee, Trishandhi’s welcome offering May this four-footed White-foot, may this arrow brace and bind thee fast:

अध्याय 11

श्लोक 9.4

अर्बु॑दि॒र्नाम॒ यो दे॒व ईशा॑नश्च॒ न्यऽर्बुदिः ।याभ्या॑म॒न्तरि॑क्ष॒मावृ॑तमि॒यं च॑ पृथि॒वी म॒ही।ताभ्या॒मिन्द्र॑मेदिभ्याम॒हं जि॒तमन्वे॑मि॒ सेन॑या

arbudirnāma yo deva īśānaśca nya'rbudiḥ | yābhyāmantarikṣamāvṛtamiyaṃ ca pṛthivī mahī| tābhyāmindramedibhyāmahaṃ jitamanvemi senayā

हिन्दी अर्थ

(श्रथो) तथा (विकद्तीमुखाः) विशेषं प्रकार की कद्ध के सदृश नाना पने मुखो वाले बाण,- (क्रव्याहैः). दात्रुभों के कच्चे मांसों .को मानो खाने वाले ये बाण, (वातरंहसः) तथा वायु के वेग वाले ये बोण, (ग्मित्रान्) नामक सेनाधिपति, द्वारा प्रेरित हृए ।. १. ११।१०।१-२७ मे भी कहीं-कहीं न्यबुदि का व्णन,हुभा है (दलो मन्त्र

English

Together with Trishandhi’s host, be thou, O Witchcraft, meant for foes.

अध्याय 11

श्लोक 9.5

उत् ति॑ष्ठ॒ त्वं दे॑वज॒नार्बु॑दे॒ सेन॑या स॒ह।भ॒ञ्जन्न॒मित्रा॑णां॒ सेनां॑ भो॒गेभिः॒ परि॑ वारय

ut tiṣṭha tvaṃ devajanārbude senayā saha| bhañjannamitrāṇāṃ senāṃ bhogebhiḥ pari vāraya

हिन्दी अर्थ

है । सन्धा मरौर सन्वि समानार्थेक है । सन्वान= णा, 2380०, 10 त्रिषन्वि कों वच््ररूपता दी श्रई है.॥ गीता १०।२०८ म भायुधों मे वचर के सदुश महा- संहारी होने के कारण श्री कष्णन “्रायुघानोमहं वम्” दारा ' भषने-भाप को कां9 ११। भुः १५. प्रथववेद-भाष्य २११. अन्तर्हि जातवेदु आदित्य. कुणपं बहु । त्रिष॑न्धेरियं सेना सुतास्तु मे वशे ॥४॥ (जातवेदः) है उत्प संग्राम की विद्या को जानने वाले 1 (रादित्य). हे शत्रभों का भ्रादान करने वाले, उन्हुं पकड़ने वाले भबुदि! (बहू (चेह). गाड़ दे । (त्रिषन्धेः इयं सेना) . त्रिषन्वि कौ यह सेना (मे) सुम साट् के लिये (सुहिता भस्तु) उत्तम हित करने वाली हो, तथा (वशे)

English

Down let the dim-eyed demon fly, and let her shorteared sister shriek: Red be the banners when the host of Arbudi hath won the day.

अध्याय 11

श्लोक 9.6

स॒प्त जा॒तान् न्यऽर्बुद उदा॒राणां॑ समी॒क्षय॑न्।तेभि॒ष्ट्वमाज्ये॑ हु॒ते सर्वै॒रुत्ति॑ष्ठ॒ सेन॑या

sapta jātān nya'rbuda udārāṇāṃ samīkṣayan| tebhiṣṭvamājye hute sarvairuttiṣṭha senayā

हिन्दी अर्थ

तिषन्धि को कहता है निज सेना के साथ प्रेम से वर्ताव करना जिस सेसेना भेर वद्य मे रहे, भौर मेरे लिये उत्तम. हितकारिणी हो । कहीं युद्ध में बलवां . या युद्धबन्दी न कर दे सुहिताभ्रथवा सुपुष्ट=मु+घाः.(षारण उष्टं त्वं देवजनाबैदे सेनया: सह ।

English

Let all the birds that move on wings come downward, all fowls that roam the heavens and

अध्याय 11

श्लोक 9.7

प्र॒ति॒घ्ना॒नाश्रु॑मु॒खी कृ॑धुक॒र्णी च॑ क्रोशतु ।वि॒के॒शी पुरु॑षे ह॒ते र॑दि॒ते अ॑र्बुदे॒ तव॑

pratighnānāśrumukhī kṛdhukarṇī ca krośatu | vikeśī puruṣe hate radite arbude tava

हिन्दी अर्थ

(देवजन बुं दे) है विजिगीषु" जनं ! शात्रषौतक सेनापतिः! (त्वम्) तु (उत्तिष्ठ) उठ (सेनया. सह): निज . सेना के साथ । (वः) तुम सबक भ्रा है । (भराहृतिः) यह .भराहूति- (चिषन्् ). बुस्हारे. सेनासंचालक को (प्रिया) प्रिय है, भरभीष्ट है। भरद दि है। त्रिषन्धि सेना का संचालक. है: ।

English

air’s midregion. Let beasts of prey and flies attacks, and vultures that eat raw flesh mangle and gnaw the

अध्याय 11

श्लोक 9.8

सं॒कर्ष॑न्ती क॒रूक॑रं॒ मन॑सा पु॒त्रमि॒च्छ॑न्ती॑ ।पतिं॒ भ्रात॑र॒मात्स्वान् र॑दि॒ते अ॑र्बुदे॒ तव॑

saṃkarṣantī karūkaraṃ manasā putramicchantī | patiṃ bhrātaramātsvān radite arbude tava

हिन्दी अर्थ

च्यविजिगीषु; . दिवु क्रीडा विजिगीषा व्यवहार भ्रादि। २१२ भरथर्वेवेद-माष्य को० ११। सु०१० (चितिपदी) काले लोहे के पैरो वाली, (चतुष्पदी) चार पैरों वाली . के संहारके) लिये तू हो, (त्रिषन्धेः सेनया सह) त्रिषन्धिं की सेनाके

English

carcase.

अध्याय 11

श्लोक 9.9

अ॒लिक्ल॑वा जाष्कम॒दा गृध्राः॑ श्ये॒नाः प॑त॒त्रिणः॑ ।ध्वाङ्क्षाः॑ श॒कुन॑यस्तृप्यन्त्व॒मित्रे॑षु समी॒क्षय॑न् रदि॒ते अ॑र्बुदे॒ तव॑

aliklavā jāṣkamadā gṛdhrāḥ śyenāḥ patatriṇaḥ | dhvāṅkṣāḥ śakunayastṛpyantvamitreṣu samīkṣayan radite arbude tava

हिन्दी अर्थ

यव्या दवारा शत्रु को गरो द्वारा षेरा जाता है शरव्या =शर (बाण) ¬ व्येञ्. संवरणे । सायणाचाये ने शरव्या का श्रं किया है “शरसमृहः' शरव्या चार परो वानी तोप प्रतीत होती है । धूमाक्षी से प॑ततु ढृषुकणी चं क्रोशतु । त्रिषन्धेः सेन॑या जिते अरुणाः सन्तु केतवः ॥७॥ (धूमाक्षी ) धूमपीडित ्रांखो वाली शत्रुसेना (सपततु) पृथिवी षर मिर पड़े, (च कृधुकर्णी) भौर चिल्लाहट तथा शोर द्वारा कटे कानों वाली

English

By that same binding treaty which thou madest, Brihaspati! with Indra! and with Brahma, By Indra’s pledge I bid the Gods come hither. Conquer on this side, not on their side yonder.

अध्याय 11

श्लोक 9.10

अथो॒ सर्वं॒ श्वाप॑दं॒ मक्षि॑का तृप्यतु॒ क्रिमिः॑ ।पौरु॑षे॒येऽधि॒ कुण॑पे रदि॒ते अ॑र्बुदे॒ तव॑

atho sarvaṃ śvāpadaṃ makṣikā tṛpyatu krimiḥ | pauruṣeye'dhi kuṇape radite arbude tava

हिन्दी अर्थ

खडुरंभिषङ्करन्ां सविं सवेवासिनीमू । वाली सेनिक-टुकंडी को, (लविकाम्) पराक्रमं मे गर्वीली को; तथा (खव-. वासिनीम्) गवली शतु सना कदनं करी सैनिक दुक को तथा (भे) जो (उदाराः) उदारा भाव (भरन्तं्िताः)भ्रभी छिपा रते है; अभी प्रकट नहीं कांग ११। सु०९ प्रथवंवेद-माष्य २०१

English

Arbudi and Trishandhi fall upon our foes and scatter them, So that, O Indra, Lord of Might, Slayer of Vritra, we may kill thousands of these our

अध्याय 11

श्लोक 9.11

आ गृ॑ह्णीतं॒ सं बृ॑हतं प्रानापानान् न्य॑र्बुदे ।नि॒वा॒शा घोषाः॒ सं य॑न्त्व॒मित्रे॑षु समी॒क्षयन् रदि॒ते अ॑र्बुदे॒ तव॑

ā gṛhṇītaṃ saṃ bṛhataṃ prānāpānān nyarbude | nivāśā ghoṣāḥ saṃ yantvamitreṣu samīkṣayan radite arbude tava

हिन्दी अर्थ

किये, ये) तथा. जो (गन्र्वासरसः च) पृथिवी-पति भने साथी है, भौर जो (निष. १।१)+-घुज. (वारणे), पृथवी का घारण करने वाले राजा । सर्पाः मानो उस का रक्त पीते है एसे वाणो को, (स्वभ्यसाः) जो निजस्वरूप में अग्रमागका मी वाचक है । दन्तः 1176 0ंणा ग धा 27, 0 (श्राष्टे ) 1

English

fog.

अध्याय 11

श्लोक 9.12

उद् वे॑पय॒ सं वि॑जन्तां भि॒यामित्रा॒न्त्सं सृ॑ज ।उ॒रु॒ग्रा॒हैर्बा॑ह्व॒ङ्कैर्विध्या॒मित्रा॑न् न्यर्बुदे

ud vepaya saṃ vijantāṃ bhiyāmitrāntsaṃ sṛja | urugrāhairbāhvaṅkairvidhyāmitrān nyarbude

हिन्दी अर्थ

१. छेदना्थंक “वस्” धातु मे-““वसा' शद निष्पत है, जिसका भ्रथं है चर्बी । (ऋ० ६।७५।११)। निरुक्त मेँ कहा है कि ““मृगमयो भ्रस्या दन्तः” (९।२।१५ इषु के-भग्र माग भं लगी तीकष्म वैस्तु को भीः "दन्त" कहा है । । कथे की श्रग्र भागों को भी दन्त कहते है । भवै, (१४।२।६८) मे “शतदन्

English

enemies! Tall trees, and those who live in woods, the herbs and creeping plants of Earth,

अध्याय 11

श्लोक 9.13

मुह्य॑न्त्वेषां बा॒हव॑श्चित्ताकू॒तं च॒ यद्धृ॒दि।मैषा॒मुच्छे॑षि॒ किं च॒न र॑दि॒ते अ॑र्बुदे॒ तव॑

muhyantveṣāṃ bāhavaścittākūtaṃ ca yaddhṛdi| maiṣāmuccheṣi kiṃ cana radite arbude tava

हिन्दी अर्थ

लोहे से निमित दष्टा वाले बार्णो कै सदुदा विघातकं भग्नि १ यावदतः-=काले के दान्त वाले बाण । इन्हे “श्रयोमुखाः” मी कटा है एसे बाण । लोहा काला होता है, रौर द्याव का भरथं काला भी है। मेँ तो मयानक है, परन्तु खाय ही शस्वास्वधारी भी है 1 शवो की (भ्रमः) उन (सिचः) गवं से सिक्त हुई, सची हई सेनाभों को

English

Gandharvas, and Apsarases, Snakes, [] Beings, Fathers,

अध्याय 11

श्लोक 9.14

प्र॒ति॒घ्ना॒नाः सं धा॑व॒न्तूरः॑ पटू॒रावा॑घ्ना॒नाः ।अ॒घा॒रिणी॑र्विके॒श्योऽ रुद॒त्यः॑१ पुरु॑षे ह॒ते र॑दि॒ते अ॑र्बुदे॒ तव॑

pratighnānāḥ saṃ dhāvantūraḥ paṭūrāvāghnānāḥ | aghāriṇīrvikeśyo' rudatyaḥ1 puruṣe hate radite arbude tava

हिन्दी अर्थ

हरा तु, (च जिष्णुः) भ्रौर जीतने के स्वभाव वाना न्यवरंदि, तुम दोनों सिचः का अर्थं “कपड़े के किनारे” मी होता है । यथा “चे अन्ता यावतीः सिच य श्रोतवो ये च तन्तवः” (अथव १४।२।५१) -इस र्थं मे मन्तगत “सिचः” का श्रयं - होगा “युद्ध भूमि के दुर के किनारो, सीमाभ्नो तक फली अगनिजिहा प्ंपशिखा जय॑न्तीयेन्तु सेन॑या ॥१६॥ - नकु दे).हे. नितरां शत्रुषातक सेनाधीश ! (भ्रमिः) शत्रु मण

English

Gods, All these do thou, O Arbudi, make visible to our enemies: cause them to look on mists and

अध्याय 11

श्लोक 9.15

श्वऽन्वतीरप्स॒रसो॒ रूप॑का उ॒तार्बु॑दे ।अ॒न्तः॒पा॒त्रे रेरि॑हतीं रि॒शां दु॑र्णिहितै॒षिणी॑म्।सर्वा॒स्ता अ॑र्बुदे॒ त्वम॒मित्रे॑भ्यो दृ॒शे कु॑रूदा॒रांश्च॒ प्र द॑र्शय

śva'nvatīrapsaraso rūpakā utārbude | antaḥpātre rerihatīṃ riśāṃ durṇihitaiṣiṇīm| sarvāstā arbude tvamamitrebhyo dṛśe kurūdārāṃśca pra darśaya

हिन्दी अर्थ

कां० ११। सु० ९ भरथर्ववेद-भाष्य २०३ इषु, (धूमदिखाः) तथा धूए की शिखाभ्रों वाले इषु. (जयन्तीः) विजयं पाते हए, (सेनया). हमारी सेना क साथ (यन्तु) युद्ध भूमि मे चलं । धूमश्रौर अग्नि कोदुरसे देख कर शत्रु, हृदयो मे मय धारण कर् । तथा

English

fog.

अध्याय 11

श्लोक 9.16

ख॒डूरे॑ऽधिचङ्क्र॒मां खर्वि॑कां खर्ववा॒सिनी॑म्।य उ॑दा॒रा अ॒न्तर्हि॑ता गन्धर्वाप्स॒रस॑श्च॒ ये ।स॒र्पा इ॑तरज॒ना रक्षां॑सि

khaḍūre'dhicaṅkramāṃ kharvikāṃ kharvavāsinīm| ya udārā antarhitā gandharvāpsarasaśca ye | sarpā itarajanā rakṣāṃsi

हिन्दी अर्थ

: (भकुंदे) है दात्रुधातक सेनापति ! (तया) उस सेना हारा (१९) (एषाम्) इन मुखिरयो मे (कंचन) को भी (मा) न (मोचि) चट । „करे । शची कर्मनाम (निषं° २।१) ॥ शौष्कास्यमलुं वतेतामुमनरान् मोत मित्रिणः ।२१॥

English

High sway have Maruts, and the God Āditya, Brāhmanaspati, High sway have Indra, Agni, and Dilator, Mitra, Prajāpati,

अध्याय 11

श्लोक 9.17

चतुर्दंष्ट्रांछ्या॒वद॑तः कु॒म्भमु॑ष्काँ॒ असृ॑ङ्मुखान्।स्व॒भ्य॒सा ये चो॑द्भ्य॒साः

caturdaṃṣṭrāṃchyāvadataḥ kumbhamuṣkā~ asṛṅmukhān| svabhyasā ye codbhyasāḥ

हिन्दी अर्थ

से उद्गत हो जोय, निकल: जांय उत्-+कपि (गतौ) (प्राणः) प्राण (भित्रिणः) भिर के मुख (मां) न सूरे, भ्रपितु प्रसन्न हों । २०४ भरथवेवेद-माष्य कां० ११ सुऽ € (पराञ्चः) जोकि युद्ध से पराङमुखहों करभंगे हैः (गरेक्धिंराः) जो

English

High sway have Rishis given to you, showing upon our enemies where thou, O Arbudi, hast

अध्याय 11

श्लोक 9.18

उद् वे॑पय॒ त्वम॑र्बुदे॒ऽमित्रा॑णाम॒मूः सिचः॑ ।जयां॑श्च जि॒ष्णुश्चा॒मित्रां॒ जय॑ता॒मिन्द्र॑मेदिनौ

ud vepaya tvamarbude'mitrāṇāmamūḥ sicaḥ | jayāṃśca jiṣṇuścāmitrāṃ jayatāmindramedinau

हिन्दी अर्थ

(च) श्रौर (तमसा) विजयी सेना द्वारा फंके तामसास्त्रो के कारण (ये) . जो (तूपराः) शुङ्गविहीन पशुभ्रो के सदु पराक्रम रहित हो गये. (अथो) रौर जो (बस्ताभिवासिनः) बकरों की खाल के वस्त्र कवचो के रूपम धारण कयि हए है, (तान् सर्वान्) उन सब को, (अवुंदे) हेः के लिये (कूरं) उपस्थित कर, (उदारान् च) भ्रौरं उदार भवोंकोभी (भ्रदशेय) प्रद्वित कर । जब श्रकुंदि शत्रुपरा पर विजय पा ले, तदनन्तरं वह शतुपक्ष.के.

English

pierced. With full dominion over these, rise, stand ye up, prepare your- selves,

अध्याय 11

श्लोक 9.19

प्रब्ली॑नो मृदि॒तः श॑यां ह॒तो॒३मित्रो॑ न्यर्बुदे ।अ॒ग्नि॒जि॒ह्वा धू॑मशि॒खा जय॑न्तीर्यन्तु॒ सेन॑या

prablīno mṛditaḥ śayāṃ hato3mitro nyarbude | agnijihvā dhūmaśikhā jayantīryantu senayā

हिन्दी अर्थ

करके, देखो इन दीन संनिकों कौ भ्रवस्था को । परन्तु भ्रधिकारियो के प्रति उदारभावों को भो, दर्शाए जिस से उन्हें निक्चय हो जाय कि के दवारा शतरुम्नो को वोन्ध” । तथा. “उस रशात्रुसेना को क्मेरहित कर देने होता है 1 देखो (यजु° १७।४४) तथा (ऋक् १०।१०३।१२1 । कींऽ ११॥।सु०8९ भ्रथवेवेद-भाष्य २०१४

English

Ye are our friends, celestial hosts. When ye have won this battle, go, each to his several

अध्याय 11

श्लोक 9.20

तया॑र्बुदे॒ प्रणु॑त्ताना॒मिन्द्रो॑ हन्तु॒ वरं॑वरम्।अ॒मित्रा॑णां॒ शची॒पति॒र्मामीषां॑ मोचि॒ कश्च॒न

tayārbude praṇuttānāmindro hantu varaṃvaram| amitrāṇāṃ śacīpatirmāmīṣāṃ moci kaścana

हिन्दी अर्थ

दशे) मित्रो के लिथे दरष्टिगोचर (कु) कर, (उदारान् च) भ्रौर उस समय उदार भावों को भी (प्रदक्षय) प्रदित कड । हुई शक्ति के द्वारा यह कायं कर सरके; या (२) त्रिषन्धिवजं इतना घातक- वहोकिदइसकेप्रयोग द्वारा हजारों सैनिक एक बार मेँ मारे जा सकं । मारे जाने पर यह सम्भावना हो सकती ह किं शातरुपक्च युद्ध से उपरत होने साथ ही उदार भावौ को भीं प्रकट करे । साथ ही यह कटे कि शान्तिकी

English

Serpents and fiends and Other Folk, charge and pursue our enemies!

अध्याय 11

श्लोक 9.21

उत्क॑सन्तु॒ हृद॑यान्यू॒र्ध्वः प्रा॒ण उदी॑षतु ।शौ॒ष्का॒स्यमनु॑ वर्तताम॒मित्रा॒न्मोत मि॒त्रिणः॑

utkasantu hṛdayānyūrdhvaḥ prāṇa udīṣatu | śauṣkāsyamanu vartatāmamitrānmota mitriṇaḥ

हिन्दी अर्थ

शत्रु पर विजय पा लेने के परवात्, शवुराष्ट भँ शासन के लिये ईशां वौ अक्तौ देव आदित्यो ब्रक्षणसपतिः । कर सकने वाला व्यविति, (मित्रः) तथा तुम्हारे साथ मित्र बन कर रहने लोग (ईशाम्, चक्रः) . चासन करे, (भ्रवुदे) है शवूषातक सेनापति !

English

Let those who bear an evil name, in air, in heaven on earth, and men, After Trishandhi’s will, revere your power, the sway that Know- ledge gives, together with

अध्याय 11

श्लोक 9.22

ये च॒ धीरा॒ ये चाधी॑राः॒ परा॑ञ्चो बधि॒राश्च॒ ये।त॒म॒सा ये च॑ तूप॒रा अथो॑ बस्ताभिवा॒सिनः॑ ।सर्वां॒स्ताँ अ॑र्बुदे॒ त्वम॒मित्रे॑भ्यो दृ॒शे कु॑रूदा॒रांश्च॒ प्रद॑र्शय

ye ca dhīrā ye cādhīrāḥ parāñco badhirāśca ye| tamasā ye ca tūparā atho bastābhivāsinaḥ | sarvāṃstā~ arbude tvamamitrebhyo dṛśe kurūdārāṃśca pradarśaya

हिन्दी अर्थ

(तव रदिते) तुक दारा शतुभ्ों के कट जाने पर, (समीक्षयन्) तु इस ब्य- लिये हो । ऋषयः = ऋषि कोटि के लोग॒पक्षपाती तथा भ्रत्याचार करने चले । विजित राष्ट के शासन म यह कितना ऊंचा भौर सहानुभतिपूरणं (मित्राः, देवजनाः) है मत्री पूरवंक व्यवहार करने वाले दिव्यजनो ¦

English

your ruddy flags.

अध्याय 11

श्लोक 9.23

अर्बु॑दिश्च॒ त्रिषंधिश्चा॒मित्रा॑न् नो॒ वि वि॑ध्यताम्।यथै॑षामिन्द्र वृत्रहन् हना॑म शचीपते॒ऽमित्रा॑णां सहस्र॒शः

arbudiśca triṣaṃdhiścāmitrān no vi vidhyatām| yathaiṣāmindra vṛtrahan hanāma śacīpate'mitrāṇāṃ sahasraśaḥ

हिन्दी अर्थ

करो, भौर पराजित राष्ट मे अपने-अपने नियत किये स्थानोंमें जा बटो, भौर मत्री पूर्वक तथा दिव्यभावनारभो के साथ उन पर शासन करो । ९० भ्रचरवेवेद-भाष्व का ११.।.सु० १० उ्तिष्ठत सं भहध्व॒मुदाराः केतुभिः सह । (उदाराः) है उदार सैनिको ! (उत्तिष्ठत) 'उठो (केतुभिः सह)

English

Let those with iron faces, with faces like needles or like combs, Flesh-eaters, rapid as the wind, cling closely to our foemen with

अध्याय 11

श्लोक 9.24

वन॒स्पती॑न् वानस्प॒त्यानोष॑धीरु॒त वी॒रुधः॑ ।ग॒न्ध॒र्वा॒प्स॒रसः॑ स॒र्पान् दे॒वान् पु॑ण्यज॒नान् पि॒तॄ॒न्।सर्वां॒स्तां अ॑र्बुदे॒ त्वम॒मित्रे॑भ्यो दृ॒शे कु॑रूदा॒रांश्च॒ प्र द॑र्शय

vanaspatīn vānaspatyānoṣadhīruta vīrudhaḥ | gandharvāpsarasaḥ sarpān devān puṇyajanān pitṝn| sarvāṃstāṃ arbude tvamamitrebhyo dṛśe kurūdārāṃśca pra darśaya

हिन्दी अर्थ

. धावत) ज्ञत्रुमो का पीडा करो । उदाराः =्रौवारयगरुणोपेताः -सायणा) सूक्त € के मन््र २५. ९६ से ध पुनः युदधो्त हो जाय, या -कोई नया युद्ध. उपस्थित होः जाय, तो पसे गृद्ध का- वर्णन सूक्त १० मे जाननांँ चहिये । . ईशां वौ षेद राज्यं निष॑न्पे अरुणैः केतुभिः सह 1 मे भरबुंदिभ्रौरन्यबरंदिकाही वणेन हमा है, त्रिषन्षि का नहीं ।

English

Trishandhi for their thunderbolt.

अध्याय 11

श्लोक 9.25

ई॒शां वो॑ म॒रुतो॑ दे॒व आ॑दि॒त्यो ब्रह्म॑ण॒स्पतिः॑ ।ई॒शां व॒ इन्द्र॑श्चा॒ग्निश्च॑ धा॒ता मि॒त्रः प्र॒जाप॑तिः ।ई॒शां व॒ ऋष॑यश्चक्रुर॒मित्रे॑षु समी॒क्षय॑न् रदि॒ते अ॑र्बुदे॒ तव॑

īśāṃ vo maruto deva ādityo brahmaṇaspatiḥ | īśāṃ va indraścāgniśca dhātā mitraḥ prajāpatiḥ | īśāṃ va ṛṣayaścakruramitreṣu samīkṣayan radite arbude tava

हिन्दी अर्थ

कां० ११।सू० १० भरथवंवेद-अष्यि २०६ उठ । यि अन्तरिक्षे) जो अन्तरिक्षे, (ये दिवि) जो लोके, (चये लाल ऊण्डे खून की निच्चानी है, चिन दारा यह् द्वया है कि खनी युद्ध होने वाला है । भन्तरिख् मे मानव, वायुयानों वाते संनिक ह! पृथिवी , के मानव तो प्रसिद्धही ह। वेदको दृष्टि मेंचुलोकमें भी मानव सदश्च

English

Omniscient Āditya, make full many a corpse to disappear. Let this devoted army of Trishandhi be in my control.

अध्याय 11

श्लोक 9.26

तेषां॒ सर्वे॑षा॒मीशा॑ना॒ उत् ति॑ष्ठत॒ सं न॑ह्यध्वं॒ मित्रा॒ देव॑जना यू॒यम्।इ॒मं सं॑ग्रा॒मं सं॒जित्य॑ यथालो॒कं वि ति॑ष्ठध्वम्

teṣāṃ sarveṣāmīśānā ut tiṣṭhata saṃ nahyadhvaṃ mitrā devajanā yūyam| imaṃ saṃgrāmaṃ saṃjitya yathālokaṃ vi tiṣṭhadhvam

हिन्दी अर्थ

सुष्टि है । महर्षि दयानन्द की दृष्टि मे ये सब भुगोल, लोक भौर इन मे मनुष्यादि प्रजा सी रहतो ह । जब पृथिवी केःसमान सूयं . चन्द्र भौर असंख्य लोकों मे मनुष्यादि सृष्टि नही, तो क्या... परमेदवर का काम सफल कभी हो सकता है । इसलिये सवत्र सनुष्यादि सुष्टि है + जिस जाति की जंसी सृष्टि इस देव मे है वंसी जातिदहीको सृष्टि भ्रत्य लोकोमेंभी कपूर टृस्ट) । तथा महषि ने यह भी माना.है कि जंसे वेदोंका इस लोक मे प्रका है उन्दींका उन लोकोँमे भी प्रका है" । इस लोकसे यह सनुष्य है; तभी तो वेदों को सत्ता लोकों में प्रयोजनवती हो सक्ती है । इन

English

Rise up, O Godlike Being, rise, Arbudi, with thine army: this,

अध्याय 11

श्लोक 10.1

शत्रुनाशनम्।१-२७ भृग्वङ्गिराः।त्रिषन्धिः।अनुष्टुप्, १ विराट् पथ्याबृहती, २ त्र्यवसाना षट्-पदा त्रिष्टुब्गर्भाऽतिजगती, ३ विराडास्तारपङ्क्तिः, ४ विराट्, ८ विराट् त्रिष्टुप्, ९ पुरोविराट् पुरस्ताज्ज्योतिस्त्रिष्टुप्, १२ पञ्चपदा पथ्यापङ्क्तिः, १३ षट्-पदा जगती, १६ त्र्यवसाना षट्-पदा ककुम्मत्यनुष्टुप्त्रिष्टुब्गर्भा शक्वरी, १७ पथ्यापङ्क्तिः, २१ त्रिपदा गायत्री, २२ विराट् पुरस्ताद्बृहती, २५ ककुप्, २६ प्रस्तारपङ्क्तिः।उत् ति॑ष्ठत॒ सं न॑ह्यध्व॒मुदा॑राः के॒तुभिः॑ स॒ह।सर्पा॒ इत॑रजना॒ रक्षां॑स्य॒मित्रा॒ननु॑ धावत

śatrunāśanam| 1-27 bhṛgvaṅgirāḥ| triṣandhiḥ| anuṣṭup, 1 virāṭ pathyābṛhatī, 2 tryavasānā ṣaṭ-padā triṣṭubgarbhā'tijagatī, 3 virāḍāstārapaṅktiḥ, 4 virāṭ, 8 virāṭ triṣṭup, 9 purovirāṭ purastājjyotistriṣṭup, 12 pañcapadā pathyāpaṅktiḥ, 13 ṣaṭ-padā jagatī, 16 tryavasānā ṣaṭ-padā kakummatyanuṣṭuptriṣṭubgarbhā śakvarī, 17 pathyāpaṅktiḥ, 21 tripadā gāyatrī, 22 virāṭ purastādbṛhatī, 25 kakup, 26 prastārapaṅktiḥ| ut tiṣṭhata saṃ nahyadhvamudārāḥ ketubhiḥ saha| sarpā itarajanā rakṣāṃsyamitrānanu dhāvata

हिन्दी अर्थ

शत्र के राज्यम हमारे लाल कंडे लहराएं । भ्रलवित रक्त-खून का चोत्क है । (भवायन्तु) शव भक्षणार्थं नीचे भए ।. (रवापदः) कुतो के सदश्च पसो वाले

English

Brihaspati Angirasa, Rishis made strong and keen by prayer,

अध्याय 11

श्लोक 10.2

ई॒शां वो॑ वेद॒ राज्यं॒ त्रिषं॑धे अरु॒णैः के॒तुभिः॑ स॒ह।ये अ॒न्तरि॑क्षे॒ ये दि॒वि पृ॑थि॒व्यां ये च॑ मान॒वाः।त्रिषं॑धे॒स्ते चेत॑सि दु॒र्णामा॑न॒ उपा॑सताम्

īśāṃ vo veda rājyaṃ triṣaṃdhe aruṇaiḥ ketubhiḥ saha| ye antarikṣe ye divi pṛthivyāṃ ye ca mānavāḥ| triṣaṃdheste cetasi durṇāmāna upāsatām

हिन्दी अर्थ

मारयति बा स मरत्, मनुष्यजातिः (उणा ० १।९४, महषि दयानन्द) । ,. १. भरयवे. ११।९।२६ मे “संनित्थ” शब्द के भ्नरुखार देव विजय -पिले पा चुके हं । ११।१०।१ से युद्ध पुनः भ्रारम्म हृप्राहै। पतिः-=बृहती सेना तस्याः पतिः । यज्ञः == यज् संगतिकरणे । ्श्रुतेनया सह युधा

English

Āditya utterly destroy their missile! Chandramās bar the path of him who lingers! If they have issued forth strongholds of Gods, and made their shields of prayer,

अध्याय 11

श्लोक 10.3

अयो॑मुखाः सू॒चीमु॑खा॒ अथो॑ विकङ्क॒तीमु॑खाः ।क्र॒व्यादो॒ वात॑रंहसः॒ आ स॑जन्त्व॒मित्रा॒न् वज्रे॑ण॒ त्रिषं॑धिना

ayomukhāḥ sūcīmukhā atho vikaṅkatīmukhāḥ | kravyādo vātaraṃhasaḥ ā sajantvamitrān vajreṇa triṣaṃdhinā

हिन्दी अर्थ

सहसंकृणपा रोतामामित्री सेनां समरे वधान् । (सहलकरुणपा) हजासे मुदो वाली, (वधानाम्) वधकारी भायुधों के का० ११ सु०९. भ्रथर्ववेद-माष्य २२१

English

All these struck down, O Arbudi, let dogs devour upon the earth.

अध्याय 11

श्लोक 10.4

अ॒न्तर्धे॑हि जातवेद॒ आदि॑त्य॒ कुण॑पं ब॒हु।त्रिषं॑धेरि॒यं सेना॒ सुहि॑तास्तु मे॒ वशे॑

antardhehi jātaveda āditya kuṇapaṃ bahu| triṣaṃdheriyaṃ senā suhitāstu me vaśe

हिन्दी अर्थ

सेना (शेताम्) गुद्धभूमि भे सो जाय । ५ वतम्) इसलिये रोते-चिल्लाते हुए, (दुश्चितम्) दुःखो से भरे हए, या दुखी “्रति-नने-वाली""° भ्राहृति के साथ (युयुत्सति) युद्ध करना चाहता है। (देवाः). देव भर्थात् दिव्य विचारों वाले या विजिगीषु सैनिक

English

Car-borne and carless fighting men, riders and those who go on foot, All these, struck down, let vultures, kites, and all, the birds of air devour.

अध्याय 11

श्लोक 10.5

उत् ति॑ष्ठ॒ त्वं दे॑वज॒नार्बु॑दे॒ सेन॑या स॒ह।अ॒यं ब॒लिर्व॒ आहु॑त॒स्त्रिषं॑धे॒राहु॑तिः प्रि॒या

ut tiṣṭha tvaṃ devajanārbude senayā saha| ayaṃ balirva āhutastriṣaṃdherāhutiḥ priyā

हिन्दी अर्थ

श्रस्ति विराधनम्) जिस की किं विफलता नहीं होती, (तया) उस भ्राहूति रूपी वचर द्वारा, (हन्तु) भसुरः-वुत्रो का हनन करे । २२२ भथर्वेवेद-भाष्य का ११। सु १०.

English

Low let the hostile army lie, thousands of corpses, on the ground,

अध्याय 11

श्लोक 10.6

शि॒ति॒प॒दी सं द्य॑तु शर॒व्ये॒३यं चतु॑ष्पदी ।कृत्ये॒ऽमित्रे॑भ्यो भव॒ त्रिषं॑धेः स॒ह सेन॑या

śitipadī saṃ dyatu śaravye3yaṃ catuṣpadī | kṛtye'mitrebhyo bhava triṣaṃdheḥ saha senayā

हिन्दी अर्थ

न==सेनासंचालक, तरिषन्वि नामक सेनाधीदा । देवाः=व्य विचारों बाले, के प्रति दान.--पृथिवीका घारण-प्नौर पोषण करते हैँ (१) ।. धारण रौर पोषण किन उपायों द्वारा हो सकता है-इस का वर्णेन इख सुक्त समग्र पृथिवीरूप नहीं । पृथिवी को इस सूक्त म भाता कहा है । पृथिवी

English

Pierced through and rent to pieces where the deadly weapons clash in fight. With eagles let them eat the evil-hearted, pierced in the vitals, lying crushed and howling.

अध्याय 11

श्लोक 10.7

धू॒मा॒क्षी सं प॑ततु कृधुक॒र्णी च॑ क्रोशतु ।त्रिषं॑धेः॒ सेन॑या जि॒ते अ॑रु॒णाः स॑न्तु के॒तवः॑

dhūmākṣī saṃ patatu kṛdhukarṇī ca krośatu | triṣaṃdheḥ senayā jite aruṇāḥ santu ketavaḥ

हिन्दी अर्थ

समग्र-पुथिवीरूप मरे तो मातां हो सकती है, किसी भ्रङ्गविशेषरूप में नहीं . 1 माता, समुचित-शरीररूप भे माता होती है, हाय-पेर-पेट-टांग भादि भलय- प्रलय भवयवरूप में नहीं । भूमि माता है (मन्व १०,१२) + पृथक् पृथक् तथा दुसरा निधन बना रहता है । इस लिये १२।१ मे हमे यह उपदे होनी चाहिए । तथा समग्रन्यृथिवी को समुप्ति मे, सवः को भिकः कर, यल शील होना.चाहिए । यह नही कि १२११ मे राष्ट्रभावना का परित्याग है,

English

The foe whoe’er will fight against this our protecting sacrifice.

अध्याय 11

श्लोक 10.8

अवा॑यन्तां प॒क्षिणो॒ ये वयां॑स्य॒न्तरि॑क्षे दि॒वि ये चर॑न्ति ।श्वाप॑दो॒ मक्षि॑काः॒ सं र॑भन्तामा॒मादो॒ गृध्राः॒ कुण॑पे रदन्ताम्

avāyantāṃ pakṣiṇo ye vayāṃsyantarikṣe divi ye caranti | śvāpado makṣikāḥ saṃ rabhantāmāmādo gṛdhrāḥ kuṇape radantām

हिन्दी अर्थ

परस्पर समन्वय होना चाहिए, परस्पर विरोव नहीं । पृथिवी सुक्त भ विशिष्ट मावनाएें निम्नलिखित है- १. बृहत्सत्य, कंडे नियम, पृथिवीमाता की समुन्तति के लिये ब्रत दरव्ययज्ञों का करना, देवकोटि के लोगों की पजा, उन का सत्संग तथा उन २. पृथिवी विदवम्भरा तथा विदवधायस् है, अर्थात् सब कारणः पोषण करने वाली तथा सब की धाया है (६२७) । इस का मुख्य शासक

English

With this which Gods attend, with this which never fails to gain its end, Let Indra, Vritra-slayer, smite, and with Trishandhi as a bolt.

अध्याय 11

श्लोक 10.9

यामिन्द्रे॑ण सं॒धां स॒मध॑त्था॒ ब्रह्म॑णा च बृहस्पते ।तया॒हमि॑न्द्रसं॒धया॒ सर्वा॑न् दे॒वानि॒ह हु॑व इ॒तो ज॑यत॒ मामुतः॑

yāmindreṇa saṃdhāṃ samadhatthā brahmaṇā ca bṛhaspate | tayāhamindrasaṃdhayā sarvān devāniha huva ito jayata māmutaḥ

हिन्दी अर्थ

देवकोटि के तथां भरप्रमादी होने चादिं (६.७) । ३. भरजाजनों तथा अविकार्यो के हदय परमेखवरापितं तथा सत्य ४, प्रजाजनो को मघुरभाषी होना चाहिए (१६) ॥ .

English

Let Indra, Vritra-slayer, smite, and with Trishandhi as a bolt.

अध्याय 11

श्लोक 10.10

बृह॒स्पति॑राङ्गिर॒स ऋष॑यो॒ ब्रह्म॑संशिताः ।अ॒सु॒र॒क्षय॑णं व॒धं त्रिषं॑धिं दि॒व्याश्र॑यन्

bṛhaspatirāṅgirasa ṛṣayo brahmasaṃśitāḥ | asurakṣayaṇaṃ vadhaṃ triṣaṃdhiṃ divyāśrayan

हिन्दी अर्थ

का ११ सूर १० अथ्रवेद-माष्य २१३ करे । (श्रामादः गृध्राः) कच्चा मासि खाने वाले गीष (कुणपे) शव पर संरमन्ताम् = अथवा खाने के लिये तीन्र वेगे वाले हों । दिवि= दिन मेँ । दिवेदिवे अ्रहरनाम (निचं० १।९) । रदन्ताम् = रद दिबेखने 4

English

Have set Trishandhi in the heaven, dire weapon that destroys the fiends. The Gods enjoyed Trishandhi for the sake of energy and power,

अध्याय 11

श्लोक 10.11

येना॒सौ गु॒प्त आ॑दि॒त्य उ॒भाविन्द्र॑श्च॒ तिष्ठ॑तः।त्रिषं॑धि दे॒वा अ॑भज॒न्तौज॑से च॒ बला॑य च

yenāsau gupta āditya ubhāvindraśca tiṣṭhataḥ| triṣaṃdhi devā abhajantaujase ca balāya ca

हिन्दी अर्थ

तयाहनिनद्रसेषंया पर्वन् देवानिह इव . तो ज॑यत॒ मातं ॥९॥ जिगीषु योद्धाशरों को (इह) इस युद्धं मे (हुवे) बुलाता हू" भौर उर कहता हं कि (इतः जयत) इस श्रोर से विजय प्राप्त करो, (भअ्रमूतः मा) -उस शवर पक्ष से नही, भर्थात् चतरु कं साथ मिलकर उन की विजय न कराना । भ्रथवा देखो मन्त्र (१४) की व्याख्या ।

English

Him under whose protection, both, Indra and yon Āditya stand.

अध्याय 11

श्लोक 10.12

सर्वां॑ल्लो॒कान्त्सम॑जयन् दे॒वा आहु॑त्या॒नया॑ ।बृह॒स्पति॑राङ्गिर॒सो वज्रं॒ यमसिञ्चतासुर॒क्षय॑णं व॒धम्

sarvāṃllokāntsamajayan devā āhutyānayā | bṛhaspatirāṅgiraso vajraṃ yamasiñcatāsurakṣayaṇaṃ vadham

हिन्दी अर्थ

(अङ्जिरसः) युदधविद्या के भ्रङ्गोके सारकं. जानने. वले (बृह- स्पतिः) महती सेना के भषिपति हमारे सेनाधीश ने तथा (ब्रह्मसंिताः) वेद ्आयुधरूप है (देखो मन्व २ की टिप्पणी) । - २१४ भथवववेद-माष्य ्का० ११1 प° १० चिषेन्षि देवा अंमजन्तोज॑से च बछौय च ॥११॥

English

The Gods, victorious, won themselves all worlds by this oblation, which Brihaspati Angirasa effused, a very thunderbolt, a weapon to destory the friends.

अध्याय 11

श्लोक 10.13

बृह॒स्पति॑राङ्गिर॒सो वज्रं॒ यमसि॑ञ्चतासुर॒क्षय॑णं व॒धम्।तेना॒हम॒मूं सेनां॒ नि लि॑म्पामि बृहस्पते॒ऽमित्रा॑न् ह॒न्म्योज॑सा

bṛhaspatirāṅgiraso vajraṃ yamasiñcatāsurakṣayaṇaṃ vadham| tenāhamamūṃ senāṃ ni limpāmi bṛhaspate'mitrān hanmyojasā

हिन्दी अर्थ

वलाय च) राष्ट्रिय ्रोज भ्रौर बल की सुरक्षाके लिये ।. सक्ता । भ्रौर ऋजु बना रहता है । बल = कोरबल भौर संनिक बल, प्रजा- सर्वौरछोकान्. समजयन् देवा आस्थानयां ।

English

That fiend-destroying weapon which Brihaspati Angirasa poured out and made a thunderbolt.

अध्याय 11

श्लोक 10.14

सर्वे॑ दे॒वा अ॒त्याय॑न्ति॒ ये अ॒श्नन्ति॒ वष॑ट् कृतम् ।इ॒मां जु॑षध्व॒माहु॑तिमि॒तो ज॑यत॒ मामुतः॑

sarve devā atyāyanti ye aśnanti vaṣaṭ kṛtam | imāṃ juṣadhvamāhutimito jayata māmutaḥ

हिन्दी अर्थ

(देवाः) विजिगीषु योद्धारो ने (अनया श्राहुत्या) संग्रमागिनि मं विद्याके रङ्खाः कै.सार को जानने वाले (बृहस्पतिः) महती सेना. कै वाले तथा वध.करने वाले (वरम्) वज्र को (भ्रसिञ्चत) सौँचा है ॥१२॥ . बृहस्पति भ्रङ्किरस ने जिख पुरो के क्षय.करने वाले तथा वघ करते वाते वलं को सींचा ह (मन्त्र १२ क। उत्तरं) (तेन) उस.वच्

English

Even therewith, Brihaspati, I brush that hostile armament, and strike the foemen down with might.

अध्याय 11

श्लोक 10.15

सर्वे॑ दे॒वा अ॒त्याय॑न्तु॒ त्रिष॑न्धे॒राहु॑तिः प्रि॒या।सं॒धां म॑ह॒तीं र॑क्षत॒ ययाग्रे॒ असु॑रा जि॒ताः

sarve devā atyāyantu triṣandherāhutiḥ priyā| saṃdhāṃ mahatīṃ rakṣata yayāgre asurā jitāḥ

हिन्दी अर्थ

, चिषन्वि के शत्रो को -(भोजसा) पराक्रम रा (हन्मि) मार डलता हूं कों० ११।सु० ११ भ्थवंतरेद-माष्य २१४५ . सीचना द्रव दारा सम्भव है, ठोस वस्तु द्वारा नहीं । यह रसायनिक-व या

English

Over to us come all the Gods who eat the hallowed sacrifice

अध्याय 11

श्लोक 10.16

वा॒युर॒मित्रा॑णामिष्व॒ग्राण्याञ्च॑तु ।इन्द्र॑ एषां बा॒हून् प्रति॑ भनक्तु॒ मा श॑कन् प्रति॒धामिषु॑म्।आ॒दि॒त्य ए॑षाम॒स्त्रं वि ना॑शयतु च॒न्द्रमा॑ युता॒मग॑तस्य॒ पन्था॑म्

vāyuramitrāṇāmiṣvagrāṇyāñcatu | indra eṣāṃ bāhūn prati bhanaktu mā śakan pratidhāmiṣum| āditya eṣāmastraṃ vi nāśayatu candramā yutāmagatasya panthām

हिन्दी अर्थ

किया, तदनन्तर या तो इस द्रकरूमी भज द्वारा, या. सींचने क पदचात् निज तत्पर रौर धनलोमी : शत्रगण दरव का सींचना किसी मशीन हारा ही द्वारा जल सींचा जाता है 1 द्रव-भायुघ सम्भवतः जल की वर्षा करना हो । (सर्वे) सब (देवाः) विजिगीषु-सैन्याधिकारी, (भ्रति) निजं स्थानों

English

With this oblation be ye pleased: conquer on this side, not on that. Over,to us let all Gods come: dear is Trishandhi’s offering.

अध्याय 11

श्लोक 10.17

यदि॑ प्रे॒युर्दे॑वपु॒रा ब्रह्म॒ वर्मा॑णि चक्रि॒रे।त॒नू॒पानं॑ परि॒पाणं॑ कृण्वा॒ना यदु॑पोचि॒रे सर्वं॒ तद॑र॒सं कृ॑धि

yadi preyurdevapurā brahma varmāṇi cakrire| tanūpānaṃ paripāṇaṃ kṛṇvānā yadupocire sarvaṃ tadarasaṃ kṛdhi

हिन्दी अर्थ

कीश्रोरसे (मा) नहीं । विवा विजिगीषु, सैन्यविभागों के श्रधिकारी,:“विवु क्रीड़ा विजि- गीषा व्यवहार भ्रादि'। उन्वारण कंर के श्राहति दी जाती है । .अमिग्राय यह किं जो सन्य विमा- , गाधिकारी भ्रल्प वेतन लेकर भ्रपना निर्वाह करते है, जितने. परिमाण की की भावना से भ्रेरित नहीं होति, वे इस युद्धं के निमित्त भ्रां । मा, अमुतः शवरुराष्टर की भूमि में घूस. कर उधर से, रौर अपने राष्ट कीः भूमि से, अर्थात् दोनो भोर से,.शतरुको धेर कर युद्ध केरनेका

English

Keen the great pledge through which, of old, the Asuras were overthrown.

अध्याय 11

श्लोक 10.18

क्र॒व्यादा॑नुव॒र्तय॑न्मृ॒त्युना॑ च पु॒रोहि॑तम्।त्रिष॑न्धे॒ प्रेहि॒ सेन॑या॒ जया॒मित्रा॒न् प्र प॑द्यस्व

kravyādānuvartayanmṛtyunā ca purohitam| triṣandhe prehi senayā jayāmitrān pra padyasva

हिन्दी अर्थ

सर्वे देवा अत्यारयन्तु भिष॑न्धेराहुतिः परियां । (सवं देवाः) सब देव (१४), (भ्रति) निज, स्थानों को छोडकर, भी (्रभुराः जिताः) भ्रसुरों पर विजय पाई है। महतीं संधाम = तीन राष्ट्रां ने मिनन कर प्रतीज्ञाकीदहैकिहम

English

Let Vāyu bend the arrow-points of those who are our enemies.

अध्याय 11

श्लोक 10.19

त्रिष॑न्धे॒ तम॑सा॒ त्वम॒मित्रा॒न् परि॑ वारय ।पृ॒ष॒दा॒ज्यप्र॑णुत्तानां॒ मामीषां॑ मोचि॒ कश्च॒न

triṣandhe tamasā tvamamitrān pari vāraya | pṛṣadājyapraṇuttānāṃ māmīṣāṃ moci kaścana

हिन्दी अर्थ

मिलकर असुरो पर विजय पा्येगे, इस प्रतिज्ञा कीं रक्षा करो, भौर इस की . रक्षा के लिये अपनी-प्रपनी भ्राहृति दो । के अश्रमाग मे स्थितं हो कर युदढ करे । एसे योद्धा को यजुवद मेमरुतः”

English

Let Indra break their arms away: no power to lay the shaft be theirs!

अध्याय 11

श्लोक 10.20

शि॒ति॒प॒दी सं प॑तत्व॒मित्रा॑णाम॒मूः सिचः॑ ।मुह्य॑न्त्व॒द्यामूः सेनाः॑ अ॒मित्रा॑नां न्यर्बुदे

śitipadī saṃ patatvamitrāṇāmamūḥ sicaḥ | muhyantvadyāmūḥ senāḥ amitrānāṃ nyarbude

हिन्दी अर्थ

िनिगीषूयां स्वतेनि कानां तेना । कां०११। सू° १० भ्रथववेद-भाष्य . २१७ को (मा शकन्) सशक्त न हो सके, (्रादित्यः) भ्रादान करने वाला

English

Gaining protection for their lives, protection round about, make all their instigation powerless

अध्याय 11

श्लोक 10.21

मू॒ढा अ॒मित्रा॑ न्यर्बुदे ज॒ह्येऽषां॒ वरं॑वरम्।अ॒नया॑ जहि॒ सेन॑या

mūḍhā amitrā nyarbude jahye'ṣāṃ varaṃvaram| anayā jahi senayā

हिन्दी अर्थ

को तोड़ दे, कूटिल कर दे । भादित्यः =शचरभ्नों का भ्रादान कर, उन्हुं पकड़ कर उन्ह बान्धने वाला भबुदि (११।१०४), इन के भस्तरागारको है वहू उन दात्र योद्धारो के.लिये, जोकि निज राष्ट मे वापिस्च जाना चाहते है, मे खोल दे । यदं अयरदेवपुरा त्रह्म बमौणि चक्रिरे ! (यदि देवपुराः)- यदि हमं देवों के पुरां भर्थात् नगरों यां दुर्गो मे

English

With the Flesh-eater and with Death, following the Purohita, On! forward with Trishandhi’s host! conquering enemies advance!

अध्याय 11

श्लोक 10.22

यश्च॑ कव॒ची यश्चा॑कव॒चो॒३मित्रो॒ यश्चाज्म॑नि ।ज्या॒पा॒शैः क॑वचपा॒शैरज्म॑ना॒भिह॑तः शयाम्

yaśca kavacī yaścākavaco3mitro yaścājmani | jyāpāśaiḥ kavacapāśairajmanābhihataḥ śayām

हिन्दी अर्थ

-खान पान को (ङृण्वानाः) करते हृए (यद्) जो वे (उप ऊचिरे) गृष्त बाते करते ह. (तत् -सरवेम्) उस सब कोटे भवुंदि! तु (भ्ररसम्) रस ज्ञाना-पीना । असुर मक्ष्या-मक्षय का विचार न कर सब कुछ सति-पोते ह । रहित वृक्ष, सख कर फलविहीन हो जाता, है इसी प्रकार असुरो को विफल.

English

Do thou, Trishandhi, with the gloom of darkness compass round our foes;

अध्याय 11

श्लोक 10.23

ये व॒र्मिणो॒ येऽव॒र्माणो॑ अ॒मित्रा॒ ये च॑ व॒र्मिणः॑ ।सर्वां॒स्तां अ॑र्बुदे ह॒तांछ्वानो॑ऽदन्तु॒ भूम्या॑म्

ye varmiṇo ye'varmāṇo amitrā ye ca varmiṇaḥ | sarvāṃstāṃ arbude hatāṃchvāno'dantu bhūmyām

हिन्दी अर्थ

व्यापृत है । संयुक्त सेना को भेद कर श्रासुरौ सेना देवपुरों मे प्रवेद नहीं या सकती । युद्धव्यापृत संयुक्त सेना से रहित हृए देवपुरों को जान कर, - किसी छद्म प्रकार से किसी मायं हारा यदि आसुरी सेना देवपुरो मे पहुंच. गई है ठो उख भअरवस्था का वर्णेन मन्र म हा है । करव्यादानुवतेयन् मृत्युना च पुरोहितम् । .

English

Let none escape of them expelled with speckled butter mixt with curds. Let White-foot fall upon those wings of our opponents’ arma- ment;

अध्याय 11

श्लोक 10.24

ये र॒थिनो॑ ये अ॑र॒था अ॑सा॒दा ये च॑ सा॒दिनः॑ ।सर्वा॑नदन्तु॒ तान् ह॒तान् गृध्राः॑ श्ये॒नाः प॑त॒त्रिणः॑

ye rathino ye arathā asādā ye ca sādinaḥ | sarvānadantu tān hatān gṛdhrāḥ śyenāḥ patatriṇaḥ

हिन्दी अर्थ

दारीर को खा जाने वाले आाग्नेयास्व के साथ, (च) भौर (मृत्युना) मारक रान्) छत्रुप्रो को (परिवारय) सब भोरसे भ्रावृत कर, ढापि, षेर। रोगोत्यादक जीवाणुभ्रों के सदश, धकेले मये (भमीषाम्) इन शतररभो म से (कश्चन) कोई भी (मा मोचि) न छट पाए +

English

Mazed and bewildered be those hands of foes this day, O Nyar- budi.

अध्याय 11

श्लोक 10.25

स॒हस्र॑कुणपा शेतामामि॒त्री सेना॑ सम॒रे व॒धाना॑म्।विवि॑द्धा कक॒जाकृ॑ता

sahasrakuṇapā śetāmāmitrī senā samare vadhānām| vividdhā kakajākṛtā

हिन्दी अर्थ

कां० ११। सूर १० : . अथवेवेद-माष्य २१६ परयो की, स्व करती ह हमारी भोर भवं से ती है उ वीथो, कायं से हीन कर देने वाले तमः से, तामसास्तर से, ताकि इन मे से योद्धा एक- दुसरे को जान-पहवान न पाएं । मर्तः सेना के भ्रग्रभाग केयोद्धाजोकि शतरु्रौ कोमार सकने भें कुशल हो, भौर स्वयं मृत्यु से भयभीत न ही । यदन्यामूः सेनां मित्राणां न्यव ॥२०॥ (शितिपदी) काले लोहे के पैरो बाली शरव्या (६)»(म्रमित्राणाम्) दातरभरो की (भ्रमः सिचः) उन सीमावर्ती सेनाभ्रों पर (संपततु) संपात करे । से (वरंवरम्) प्रत्येक मुखिया का (जदि) तु हनन कर । (श्रनया सेनया) इस सेना की सहायता से (जहि) इनन कर ।

English

Mazed are the foemen, Nyarbudi! Slay thou each bravest man of them: with this our army slaughter them.

अध्याय 11

श्लोक 10.26

म॒र्मा॒विधं॒ रोरु॑वतं सुप॒र्णैर॒दन्तु॑ दु॒श्चितं॑ मृदि॒तं शया॑नम्।य इ॒मां प्र॒तीची॒माहु॑तिम॒मित्रो॑ नो॒ युयु॑त्सति

marmāvidhaṃ roruvataṃ suparṇairadantu duścitaṃ mṛditaṃ śayānam| ya imāṃ pratīcīmāhutimamitro no yuyutsati

हिन्दी अर्थ

न्यद्ुदि है भरवुंदि का सहायक, वेदिक युद्धनीति मे सेनिकों का वष जहां तक सम्भव हो भनुमोदित नहीं ॥ मुखियों के हेनन का ही विषान किया है, जब कि शधूसेना पराजित हो जाय. र: 3 भ्रथववेद-माष्य कां० ११ ।सु० १० अज्म सं्रामनामं (निषं० २।१७) । शयाम्, शेताम् त् का लोप

English

Low lie the warrior, mailed, unmailed, each foeman in the rush of war.

अध्याय 11

श्लोक 10.27

यां दे॒वा अ॑नु॒तिस्ठ॑न्ति॒ यस्या॒ नास्ति॑ वि॒राध॑नम्।तयेन्द्रो॑ हन्तु वृत्र॒हा वज्रे॑ण॒ त्रिषं॑धिना

yāṃ devā anutisṭhanti yasyā nāsti virādhanam| tayendro hantu vṛtrahā vajreṇa triṣaṃdhinā

हिन्दी अर्थ

(मन्त्र २२ मे कवच का वर्णेन है, २३ में वमं का । सम्भवतः कवच लोहनिर्मित हो (कवच कुड. शाब्दे स्वादि), हिलने तथा गति करने पर “जस्ताभिवातिनः'” (११।९।२२) में बकरे के चम के वस्त्रो वाले कटा है । भी कंहा है, चमडे से दुगेन्ध भ्राती ही है । थ रथिनंः) जो रथारोही है, (ये भ्ररथाः). जो रथरहित ह, (भ्रसादाः) जो पदाति है, (ये च सादिनः) श्रौर जो भ्रदवारोही है, (तान्

English

Down-smitten with the strings of bows, the fastenings of mail, the charge! The armour-clad, the armourless, enemies clothed with coats of mail,

स्रोत: bhavykhatri/DharmicData · प्राप्त 3/6/2026

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शास्त्रीय प्रामाणिकता एवं पारदर्शकताSources & Interpretation

स्रोत, संस्करण एवं व्याख्या वर्गीकरण

धर्म ग्रंथ पर मूल शास्त्र, पारंपरिक भाष्य और आधुनिक व्याख्या को पूर्णतः पृथक रखा जाता है ताकि पाठक को किसी भी व्याख्या के शास्त्र होने का भ्रम न हो।

सामग्री वर्गीकरण संकेत (Epistemic Content Labels)

6 स्तरिय प्रमाण व्यवस्था
मूल पाठOriginal text

अपौरुषेय / प्रामाणिक शास्त्र (Primary Canonical Scripture)

मूल संस्कृत, प्राकृत अथवा अवधी श्लोक/मंत्र। यह सर्वोच्च प्रमाण (प्रस्थान) है। इस पाठ में किसी भी आधुनिक व्याख्याकार का हस्तक्षेप नहीं है।

शाब्दिक अनुवादLiteral translation

पदार्थ व अन्वय (Direct Grammatical & Word-for-Word Meaning)

व्याकरणसम्मत प्रत्यक्ष शब्दार्थ (अन्वय)। बिना किसी दार्शनिक संप्रदाय के पूर्वाग्रह के, संस्कृत शब्दों का सटीक भाषांतर।

पारंपरिक भाष्यTraditional commentary

आचार्य परंपरा व टीका (Classical Lineage Commentary)

प्राचीन आचार्य परंपरा (यथा शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, मध्वाचार्य, श्रीधर स्वामी) द्वारा विरचित शास्त्रीय भाष्य व टीकाएं।

सरल व्याख्याSimple explanation

भावार्थ व सुबोध प्रबोधन (Accessible Pedagogical Exposition)

आधुनिक जिज्ञासुओं के लिए सरल भाषा में भावार्थ। यह मूल मंत्र नहीं, बल्कि पाठ को सुगम बनाने हेतु संपादकीय व्याख्या है।

आधुनिक चिंतनModern reflection

समसामयिक विमर्श व अनुप्रयोग (Contemporary Application & Analysis)

दार्शनिक, मनोवैज्ञानिक व वैज्ञानिक समरूपताओं पर आधुनिक चिंतन। यह मूल शास्त्र का अंग नहीं है और इसे शास्त्रोक्त सिद्धांत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

शोध टिप्पणीResearch note

पांडुलिपि एवं ऐतिहासिक शोध (Critical Apparatus & Manuscript Research)

पांडुलिपि विविधताएं, पाठ-भेद (variant readings), छंद रचना, और ऐतिहासिक व तुलनात्मक भाषावैज्ञानिक शोध। यह शास्त्र का मूल संदेश बदलने हेतु नहीं, बल्कि पाठ की प्रामाणिकता परखने के लिए है।