atha ha vācamudgīthamupāsāñcakrire tāṃ hāsurāḥ pāpmanā vividhustasmāttayobhayaṃ vadati satyaṃ cānṛtaṃ ca pāpmanā hyeṣa viddhā
मूल पाठ सहायक·Reading aid for the sourceWord by word (पदच्छेद व अन्वय)पदच्छेद
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Speech is double-edged: capable of divine truth and deceitful malice.
अर्थMeaning
अनुवाद·TranslationLiteral Hindi Translationमूल हिन्दी अनुवाद (अक्षरशः)मूलानुवाद · Literal
फिर उन्होंने वाणी की उपासना की; असुरों ने उसे भी पाप से बींध दिया। इसीलिये वाणी से सत्य और असत्य दोनों बोले जाते हैं। ॥ ३ ॥
अक्षरशः अनुवाद — मूल संस्कृत श्लोक के प्रत्येक पद का प्रत्यक्ष अर्थ।
अनुवाद·TranslationLiteral English TranslationLiteral Text
Then they meditated on the udgîtha (Om) as speech, but the Asuras pierced it with evil. Therefore we speak both truth and falsehood. For speech is pierced by evil.
Direct literal rendering preserving Sanskrit philosophical terminology.
मोक्ष के लिए नदी की उपमा: व्यक्तिगत जीवात्माएँ उन नदियों के समान हैं जो समय के परिदृश्य से होकर बहती हैं — प्रत्येक का एक नाम, एक रूप और एक विशिष्ट स्वभाव होता है। लेकिन सभी नदियों का अंत समुद्र में होता है। और समुद्र में विलीन होने के बाद, गंगा गंगा नहीं रहती और यमुना यमुना नहीं रहती। यह विलय पूर्ण है। मुक्ति व्यक्ति का विनाश नहीं है — बल्कि पृथकता के भ्रम का विसर्जन है।
विज्ञान एवं आधुनिक उपयोगScience & Modern Application
आधुनिक चिंतन·Modern reflection · not scriptureContemplative Reflection & Actionआधुनिक चिंतन
संबंध, करियर, पहचान — हमारी सभी "नदियाँ" अंततः एक व्यापक वास्तविकता में विलीन हो जाती हैं। जब आपके जीवन का कोई संबंध या चरण समाप्त होता है — चाहे वह कोई विवाह हो, करियर हो या स्वास्थ्य का कोई पड़ाव हो — तो वह केवल एक नुकसान नहीं है। वह सागर तक पहुँचती एक नदी है। महासागर ने उसे स्वीकार कर लिया है। जो आपका वास्तविक स्वरूप है, उसका कभी अंत नहीं होता; वह केवल परम सत्य में लीन हो जाता है।
शोध संदर्भ·Research context · not scriptureComparative Research Noteशोध टिप्पणी
जल चक्र विज्ञान (वॉटर साइकिल साइंस): नदी में पानी का प्रत्येक अणु पहले अन्य नदियों, अन्य शरीरों, अन्य बादलों और अन्य जीवों में रह चुका है। नदी में जल की "पहचान" केवल अस्थायी है। ब्रह्मांडीय स्तर पर, हमारे शरीर के सभी परमाणु अंततः पुनर्वितरित हो जाएंगे — मिट्टी में, पौधों में, अन्य जीवन-रूपों में। बौद्ध धर्म की 'अनात्म' (नो-सेल्फ) की अवधारणा और भौतिकी में पदार्थों का चक्रण (मैटेरियल साइकलिंग) दोनों ही छान्दोग्य की इस नदी-शिक्षा की पुष्टि करते हैं।
A modern parallel offered for reflection. It is not part of the scripture, and it has not been checked against the original sources it may allude to.
स्रोत·Sources and editionSources and editionस्रोत एवं संस्करण