अध्याय 125
श्लोक 1
मैं केहि कहौं बिपति अति भारी ।श्री रघुबीर धीर हितकारी
maiṃ kehi kahauṃ bipati ati bhārī | śrī raghubīra dhīra hitakārī
अध्याय 125
मैं केहि कहौं बिपति अति भारी ।श्री रघुबीर धीर हितकारी
maiṃ kehi kahauṃ bipati ati bhārī | śrī raghubīra dhīra hitakārī
अध्याय 125
मम हृदय भवन प्रभु तोरा ।तहँ बसे आइ बहु चोरा
mama hṛdaya bhavana prabhu torā | taha~ base āi bahu corā
अध्याय 125
अति कठिन करहिं बरजोरा ।मानहिं नहिं बिनय निहोरा
ati kaṭhina karahiṃ barajorā | mānahiṃ nahiṃ binaya nihorā
अध्याय 125
तम, मोह, लोभ, अहँकारा ।मद, क्रोध, बोध-रिपु मारा
tama, moha, lobha, aha~kārā | mada, krodha, bodha-ripu mārā
अध्याय 125
अति करहिं उपद्रव नाथा ।मरदहिं मोहि जानि अनाथा
ati karahiṃ upadrava nāthā | maradahiṃ mohi jāni anāthā
अध्याय 125
मैं एक, अमित बटपारा ।कोउ सुनै न मोर पुकारा
maiṃ eka, amita baṭapārā | kou sunai na mora pukārā
अध्याय 125
भागेहुँ नहिं नाथ! उबारा ।रघुनायक, करहु सँभारा
bhāgehu~ nahiṃ nātha! ubārā | raghunāyaka, karahu sa~bhārā
अध्याय 125
कह तुलसिदास सुनु रामा ।लूटहिं तसकर तव धामा
kaha tulasidāsa sunu rāmā | lūṭahiṃ tasakara tava dhāmā
अध्याय 125
चिंता यह मोहिं अपारा ।अपजस नहिं होइ तुम्हारा
ciṃtā yaha mohiṃ apārā | apajasa nahiṃ hoi tumhārā
पाठ सेटिंग्स · Reading settings
भाषा एवं सामग्री · Language and layers
स्रोत: local proofread transcription: Tulsidas's Vinaya Patrika (279 padas), read from page images of a printed edition and proofread. One chapter per pada, stanza numbers as printed. The editor's Hindi bhavartha is not reproduced. · प्राप्त 19/10/2026
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पदार्थ व अन्वय (Direct Grammatical & Word-for-Word Meaning)
व्याकरणसम्मत प्रत्यक्ष शब्दार्थ (अन्वय)। बिना किसी दार्शनिक संप्रदाय के पूर्वाग्रह के, संस्कृत शब्दों का सटीक भाषांतर।
आचार्य परंपरा व टीका (Classical Lineage Commentary)
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Collated against Kashi Nagari Pracharini Sabha critical edition.